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Heatwave का बढ़ता खतरा! ब्रेन और किडनी पर पड़ रहा असर, इन संकेतों को भूलकर भी न करें इग्नोर

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 27 May, 2026 03:25 PM
Heatwave का बढ़ता खतरा! ब्रेन और किडनी पर पड़ रहा असर, इन संकेतों को भूलकर भी न करें इग्नोर

नारी डेस्क: देशभर में लगातार बढ़ रही गर्मी अब सिर्फ लोगों को परेशान ही नहीं कर रही, बल्कि उनकी सेहत पर भी गंभीर असर डालने लगी है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है और हीटवेव की वजह से अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक तेज धूप और डिहाइड्रेशन अब शरीर के कई अहम अंगों को प्रभावित कर रहे हैं। खासतौर पर दिमाग, किडनी और आंखों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों के अस्पतालों में इन दिनों ऐसे मरीज लगातार पहुंच रहे हैं जिन्हें चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए तो हीटवेव जानलेवा भी साबित हो सकती है।

शरीर पर कैसे असर डालती है भीषण गर्मी

डॉक्टरों के अनुसार शरीर की भी एक सीमा होती है, जिसके बाद वह ज्यादा तापमान को सहन नहीं कर पाता। जब लंबे समय तक तेज गर्मी और धूप का असर शरीर पर पड़ता है, तो शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है। यही स्थिति धीरे-धीरे डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन का रूप ले लेती है। हीट एग्जॉशन के शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन, मतली और ज्यादा थकान शामिल हैं। अगर इन संकेतों को नजरअंदाज किया जाए तो यह स्थिति हीट स्ट्रोक में बदल सकती है, जो दिमाग और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

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ब्रेन और किडनी पर क्यों बढ़ रहा खतरा

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि शरीर में पानी की कमी होने पर ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने लगता है। इससे दिमाग तक ऑक्सीजन की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। कई मामलों में मरीजों को भ्रम होना, बोलने में परेशानी, बेहोशी या दौरे जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं। वहीं किडनी पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। डिहाइड्रेशन की वजह से किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पाती और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने की प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है। पहले से किडनी, हार्ट या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह मौसम और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

इन लक्षणों को बिल्कुल हल्के में न लें

डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अगर किसी व्यक्ति को लगातार चक्कर आए, तेज सिरदर्द हो, शरीर जरूरत से ज्यादा गर्म महसूस हो, उल्टी होने लगे या बोलने में परेशानी हो रही हो तो तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए। इसके अलावा अत्यधिक सुस्ती, भ्रम की स्थिति, तेज धड़कन, मांसपेशियों में ऐंठन और बेहोशी जैसे लक्षण भी गंभीर हीट स्ट्रोक की तरफ इशारा कर सकते हैं। ऐसे मामलों में देरी करना जान के लिए खतरा बन सकता है।

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आंखों पर भी पड़ रहा गर्मी का असर

गर्मी और तेज धूप का असर सिर्फ शरीर के अंदरूनी अंगों पर ही नहीं, आंखों पर भी देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक लंबे समय तक धूप में रहने से आंखों में जलन, सूखापन और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बाहर निकलते समय धूप के चश्मे का इस्तेमाल करना और आंखों को बार-बार पानी से साफ करना जरूरी माना जा रहा है।

खुद को Heatwave से कैसे बचाएं

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। नारियल पानी, ORS, छाछ और नींबू पानी जैसे ड्रिंक्स शरीर में पानी और नमक की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। वहीं चाय, कॉफी और ज्यादा कैफीन वाले पेय पदार्थ शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनना भी शरीर को गर्मी से बचाने में मदद करता है।

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डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी हीटवेव के बड़े खतरे से बचा सकती है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।
  
 
 
 

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