नारी डेस्क: महिलाओं की सेहत से जुड़ी कई समस्याएं ऐसी होती हैं, जिनके शुरुआती संकेत बेहद सामान्य लगते हैं। यही वजह है कि कई बार गंभीर बीमारियां भी समय रहते पकड़ में नहीं आ पातीं। ऐसी ही एक बीमारी है ओवेरियन कैंसर, जिसे महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में गिना जाता है। चिंता की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में इसकी पहचान तब होती है, जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवेरियन कैंसर पूरी तरह "साइलेंट" नहीं होता, बल्कि यह शरीर में कुछ संकेत जरूर देता है। समस्या सिर्फ इतनी है कि महिलाएं इन लक्षणों को गैस, अपच, हार्मोनल बदलाव या सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।
क्या ओवेरियन कैंसर शुरुआत में कोई संकेत देता है
कई सालों से ओवेरियन कैंसर को "साइलेंट किलर" कहा जाता रहा है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी बिना संकेत दिए नहीं आती। इसके शुरुआती लक्षण अक्सर इतने सामान्य होते हैं कि उन पर ध्यान नहीं दिया जाता। अगर कोई महिला लगातार कुछ असामान्य बदलाव महसूस कर रही है और वे दो हफ्तों से ज्यादा समय तक बने हुए हैं, तो उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।

लगातार पेट फूलना (Bloating)
पेट फूलना ओवेरियन कैंसर के सबसे सामान्य शुरुआती संकेतों में से एक माना जाता है। अगर बिना किसी खास वजह के पेट बार-बार फूला हुआ महसूस हो, कपड़े अचानक टाइट लगने लगें या थोड़ी मात्रा में खाना खाने के बाद भी पेट भरा-भरा लगे, तो यह सिर्फ गैस की समस्या नहीं भी हो सकती है।ऐसे लक्षण लगातार बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
बहुत जल्दी पेट भर जाना
कई महिलाओं को शिकायत होती है कि वे पहले जितना खाना नहीं खा पा रही हैं और कुछ कौर खाने के बाद ही पेट भर जाता है। अगर यह स्थिति बार-बार हो रही है और इसके साथ भूख में कमी भी महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य बदलाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पेल्विक या पेट के निचले हिस्से में दर्द
पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में लगातार दर्द रहना भी एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। यह दर्द हल्का या तेज हो सकता है और कभी-कभी आता-जाता भी रहता है। लेकिन यदि दर्द लंबे समय तक बना रहे या बार-बार लौटकर आए, तो जांच करवाना जरूरी हो जाता है।

पीरियड्स में असामान्य बदलाव
महिलाओं को अपने मासिक धर्म के पैटर्न में होने वाले बदलावों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अगर अचानक पीरियड्स अनियमित हो जाएं, बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग होने लगे, या पीरियड्स का समय पूरी तरह बदल जाए, तो यह शरीर का कोई गंभीर संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक बनी रहने वाली अनियमितताएं जांच की मांग करती हैं।
मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग
मेनोपॉज के बाद किसी भी प्रकार की ब्लीडिंग को कभी भी सामान्य नहीं माना जाता। अगर मेनोपॉज के बाद अचानक स्पॉटिंग या ब्लीडिंग दिखाई दे, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।
असामान्य वेजाइनल डिस्चार्ज
यदि वेजाइनल डिस्चार्ज में अचानक बदलाव दिखाई दे, उसमें खून जैसा रंग हो, दुर्गंध आए या उसका स्वरूप सामान्य से अलग लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे बदलाव शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।
किन महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है
डॉक्टरों के अनुसार जिन महिलाओं के परिवार में पहले कभी ओवेरियन कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर या कोलन कैंसर का इतिहास रहा है, उनमें जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। ऐसे मामलों में नियमित स्वास्थ्य जांच और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए
यदि ऊपर बताए गए लक्षण लगातार दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें या महीने में 12 दिनों से ज्यादा महसूस हों, तो बिना देरी किए किसी गायनेकोलॉजिस्ट या गायनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
ओवेरियन कैंसर की चुनौती यह है कि इसके लिए सर्वाइकल कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर जैसी नियमित स्क्रीनिंग उपलब्ध नहीं है। इसलिए महिलाओं के लिए अपने शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर ध्यान देना सबसे महत्वपूर्ण है। समय पर पहचान और सही इलाज से इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई काफी हद तक आसान हो सकती है। इसलिए किसी भी असामान्य संकेत को हल्के में लेने की बजाय विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।