नारी डेस्क : क्या आप भी अक्सर कुर्सी पर बैठे-बैठे पैर हिलाने लगते हैं? अगर हां, तो यह सवाल आपके मन में भी जरूर आया होगा कि क्या यह आदत सही है या गलत। आमतौर पर घर या ऑफिस में लोग टोक देते हैं। “पैर मत हिलाओ, ये अच्छी आदत नहीं है।” लेकिन क्या सच में पैर हिलाना नुकसानदायक है? आइए जानते हैं डॉक्टर क्या कहते हैं।
क्या बैठे-बैठे पैर हिलाना गलत है?
अक्सर पैर हिलाने को घबराहट, तनाव या बेचैनी से जोड़कर देखा जाता है। कई लोग मानते हैं कि यह नर्वस होने का संकेत है, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय इससे थोड़ी अलग है। डॉक्टर के अनुसार, बैठे-बैठे पैर हिलाना पूरी तरह गलत नहीं बल्कि कई मामलों में फायदेमंद भी हो सकता है। यह एक तरह की माइक्रो-एक्सरसाइज है, जो शरीर को एक्टिव बनाए रखती है।

पैर हिलाने से शरीर को क्या फायदे होते हैं?
डॉक्टर के मुताबिक, पैर हिलाने से शरीर में कई सकारात्मक बदलाव होते हैं।
पैर हिलाने से 350 तक एक्स्ट्रा कैलोरी बर्न हो सकती है।
यह माइक्रो मूवमेंट्स मांसपेशियों के ट्विच फाइबर्स को एक्टिव करती हैं।
मेटाबॉलिक रेट लगभग 28% तक बढ़ सकता है।
यह 65% तक स्टैंडिंग ब्लड फ्लो बनाए रखने में मदद करता है।
ब्लड सर्कुलेशन और सूजन में राहत
लगातार बैठने से पैरों में सूजन और ब्लड फ्लो की समस्या हो सकती है। पैर हिलाने से मसल पंप बनता है, जिससे खून दोबारा दिल तक पहुंचता है।
एंकल्स की सूजन 45% तक कम हो सकती है
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है
इंसुलिन सेंसिटिविटी 24% तक बढ़ सकती है।

कमर दर्द में भी मिल सकता है आराम
जो लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं, उन्हें अक्सर कमर दर्द की शिकायत रहती है। ऐसे में हल्का-फुल्का पैर हिलाना शरीर को एक्टिव रखता है और लोअर बैक पेन कम करने में मदद कर सकता है।
पैर हिलाने के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?
हर बार पैर हिलाना एक्सरसाइज का संकेत नहीं होता। इसके पीछे कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं।
आदतन एनर्जी बूस्ट के लिए
एंजाइटी और स्ट्रेस की वजह से
डिहाइड्रेशन या लो ब्लड प्रेशर
ज्यादा कैफीन या शराब का सेवन
शरीर में विटामिन B12, आयरन, मैग्नीशियम या पोटैशियम की कमी।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर पैर हिलाना कंट्रोल से बाहर हो, नींद में भी हो, या साथ में कमजोरी, झनझनाहट या दर्द महसूस हो, तो यह किसी पोषण की कमी या नर्व से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
बैठे-बैठे पैर हिलाना हमेशा बुरी आदत नहीं है। सीमित और सामान्य रूप से किया जाए तो यह शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, अगर यह किसी स्वास्थ्य समस्या के कारण हो रहा है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।