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क्या Periods के दौरान ब्लड डोनेट करना सही है नहीं? जानें यहां

  • Edited By Monika,
  • Updated: 19 Jan, 2026 04:10 PM
क्या Periods के दौरान ब्लड डोनेट करना सही है नहीं? जानें यहां

नारी डेस्क : रक्तदान यानी ब्लड डोनेट करना एक महान कार्य है, जिससे किसी ज़रूरतमंद की जान बच सकती है। आज महिलाएं भी बढ़-चढ़कर रक्तदान कर रही हैं, लेकिन अक्सर उनके मन में यह सवाल रहता है कि क्या पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट करना सुरक्षित होता है या नहीं? पीरियड्स महिलाओं के शरीर की एक प्राकृतिक और सामान्य प्रक्रिया है। इस दौरान शरीर से रक्तस्राव होता है और कई महिलाओं को कमजोरी, थकान, चक्कर या लो एनर्जी महसूस हो सकती है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि पीरियड्स के समय ब्लड डोनेट करना सेहत के लिए नुकसानदायक तो नहीं।

क्या पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट करना सुरक्षित है? (Is It Safe To Donate Blood During Periods?)

डॉक्टरों के अनुसार, पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट करना पूरी तरह मना नहीं है, लेकिन यह महिला की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। अगर किसी महिला का हीमोग्लोबिन लेवल सामान्य (12.5 g/dL या उससे अधिक) है, कोई गंभीर कमजोरी या बीमारी नहीं है, ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है तो वह पीरियड्स के दौरान भी सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकती है। लेकिन अगर शरीर पहले से कमजोर है या खून की कमी है, तो इस दौरान ब्लड डोनेट करना परेशानी बढ़ा सकता है।

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पीरियड्स में ब्लड डोनेट करने के संभावित प्रभाव (Effects Of Donating Blood During Periods)

कमजोरी और थकान: पीरियड्स में पहले ही शरीर से खून निकल रहा होता है। ऐसे में ब्लड डोनेशन से अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

हीमोग्लोबिन कम होने का खतरा: अगर किसी महिला का हीमोग्लोबिन पहले से कम है, तो रक्तदान करने से एनीमिया (खून की कमी) हो सकती है, जिससे चक्कर, सिरदर्द और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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डिहाइड्रेशन की समस्या: पीरियड्स के दौरान शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है। ब्लड डोनेट करने पर अगर पर्याप्त तरल पदार्थ न लिया जाए, तो डिहाइड्रेशन हो सकता है।

चक्कर आना और लो ब्लड प्रेशर: कुछ महिलाओं में पीरियड्स के दौरान ब्लड प्रेशर गिर जाता है। ऐसे में रक्तदान करने से चक्कर आने या बेहोशी का खतरा बढ़ सकता है।

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किन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए?

अगर आप इनमें से किसी भी स्थिति में हैं, तो रक्तदान टाल देना बेहतर है।
जिनका हीमोग्लोबिन 12.5 g/dL से कम हो
जिन्हें पहले से कमजोरी या चक्कर आते हों
जिनका ब्लड प्रेशर कम रहता हो
जिन्हें पीरियड्स में हेवी ब्लीडिंग होती हो
जिन्हें आयरन की कमी या एनीमिया की समस्या हो
डॉक्टर सलाह देते हैं कि रक्तदान से पहले और बाद में शरीर की स्थिति पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।

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ब्लड डोनेट करने से पहले ध्यान रखने वाली बातें

रक्तदान से पहले हीमोग्लोबिन जरूर चेक करवाएं
पर्याप्त पानी और आयरन युक्त भोजन लें
अगर थकान या चक्कर महसूस हो, तो रक्तदान न करें
रक्तदान के बाद आराम करें और पौष्टिक आहार लें
अगर ब्लड डोनेशन के बाद ज्यादा कमजोरी, चक्कर या उलझन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट करना पूरी तरह महिला की सेहत पर निर्भर करता है। अगर महिला हेल्दी है, उसका हीमोग्लोबिन सामान्य है और वह खुद को फिट महसूस कर रही है, तो वह रक्तदान कर सकती है। लेकिन अगर थकान, चक्कर, लो ब्लड प्रेशर या हेवी ब्लीडिंग की समस्या है, तो इस दौरान रक्तदान से बचना ही बेहतर होता है।
 

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