
नारी डेस्क: एक स्टडी में पाया गया कि बॉडी वेट की समस्याओं के लिए सर्वे किए गए 1,000 युवा वयस्कों में से लगभग आधे कम वज़न वाले और मोटे लोगों को मध्यम से गंभीर चिंताएं होती हैं, जिसमें आत्म-चेतना महसूस करना और आत्मविश्वास की कमी शामिल है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS), नई दिल्ली के शोधकर्ताओं ने कहा कि एक तिहाई से ज़्यादा प्रतिभागियों (37.5 प्रतिशत) को लगा कि दूसरे लोग उन्हें जज कर रहे हैं, जबकि लगभग एक चौथाई (24.5 प्रतिशत) को अक्सर अपने वज़न से संबंधित चिंता होती थी।
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पतले में लोगों में ज्यादा है आत्मविश्वास की कमी
जर्नल ऑफ़ एजुकेशन एंड हेल्थ प्रमोशन में प्रकाशित निष्कर्षों से यह भी पता चला कि आत्म-चेतना महसूस करना मोटापे से काफी हद तक जुड़ा हुआ था, जबकि आत्मविश्वास की कमी कम वज़न वाले प्रतिभागियों में सबसे गंभीर थी। लेखकों ने लिखा- "कम वज़न वाले (47.1 प्रतिशत) और मोटे (49.6 प्रतिशत) युवा वयस्कों में से लगभग आधे लोगों को बॉडी इमेज से जुड़ी मध्यम से गंभीर चिंताएं थीं, जबकि सामान्य वज़न (35.8 प्रतिशत) और ज़्यादा वज़न (35.5 प्रतिशत) वाले लोगों ने मुख्य रूप से हल्की चिंताएं बताईं।" उन्होंने कहा कि बॉडी वेट युवा वयस्कों में मनोवैज्ञानिक भलाई को प्रभावित करने वाला एक स्थापित कारक है, और यह स्टडी बॉडी इमेज की चिंताओं से प्रभावित पहलुओं की पहचान करके एक अधिक सूक्ष्म दृष्टिकोण प्रदान करती है।
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बॉडी इमेज की बढ़ रही हैं चिंताएं
प्रतिभागियों की मनोवैज्ञानिक भलाई पर बॉडी इमेज की चिंताओं का प्रभाव अध्ययन की गई वज़न श्रेणियों - कम वज़न, सामान्य, ज़्यादा वजन और मोटापे में अलग-अलग था, जिसमें मोटापे वाले प्रतिभागियों में आत्म-चेतना और कम वज़न वाले लोगों में कम आत्मविश्वास देखा गया। शोधकर्ताओं ने कहा कि मोटे प्रतिभागियों में भी आत्मविश्वास की समस्याएं देखी गईं, हालांकि कम हद तक। उन्होंने कहा कि यह स्टडी युवा वयस्कों में वज़न के पूरे स्पेक्ट्रम में बॉडी इमेज की चिंताओं को दूर करने के लिए व्यापक स्वास्थ्य नीतियों की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।