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हर किसी के लिए सही नहीं तांबे का पानी, इन 5 लोगों को करना चाहिए परहेज

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 08 Mar, 2026 04:29 PM
हर किसी के लिए सही नहीं तांबे का पानी, इन 5 लोगों को करना चाहिए परहेज

नारी डेस्क: आयुर्वेद में तांबे के बर्तन में रखा पानी यानी ताम्रजल पीने की परंपरा काफी पुरानी है। माना जाता है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है, जैसे पाचन को बेहतर बनाना, शरीर को डिटॉक्स करना और इम्यूनिटी बढ़ाना। हालांकि यह भी सच है कि हर चीज हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद नहीं होती। आयुर्वेद के अनुसार तांबे का पानी कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। इसलिए इसे पीने से पहले यह जानना जरूरी है कि किन लोगों को तांबे का पानी नहीं पीना चाहिए।

डायबिटीज के मरीज

डायबिटीज आज के समय में तेजी से बढ़ने वाली बीमारी है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, उन्हें तांबे का पानी पीने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में कॉपर की मात्रा बढ़ने से ब्लड शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को बिना सलाह के तांबे के पानी का नियमित सेवन नहीं करना चाहिए।

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 जिनकी शरीर प्रकृति पित्त वाली हो

आयुर्वेद के अनुसार हर व्यक्ति की शरीर प्रकृति अलग होती है – वात, पित्त और कफ। जिन लोगों की प्रकृति पित्त प्रधान होती है, उनके शरीर में पहले से ही गर्मी ज्यादा रहती है। तांबे का पानी भी स्वभाव से गर्म माना जाता है। ऐसे में अगर पित्त प्रकृति वाले लोग इसका ज्यादा सेवन करते हैं तो शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, जिससे एसिडिटी, जलन या त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

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लिवर या किडनी से जुड़ी समस्या वाले लोग

अगर किसी व्यक्ति को लिवर या किडनी से संबंधित बीमारी है, तो उन्हें तांबे का पानी पीने में सावधानी बरतनी चाहिए। दरअसल, शरीर में ज्यादा कॉपर जमा होने से लिवर और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इससे शरीर की फिल्टर करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए ऐसे लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना तांबे के पानी का सेवन नहीं करना चाहिए।

छोटे बच्चे

छोटे बच्चों की पाचन शक्ति बड़ों की तुलना में कमजोर होती है। ऐसे में सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में रखा पानी पचाना उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इस वजह से बच्चों को नियमित रूप से तांबे का पानी देना सही नहीं माना जाता। बेहतर है कि बच्चों को सामान्य साफ और ताजा पानी ही दिया जाए।

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 जिनका ब्लड शुगर असंतुलित रहता है

विज्ञान और आयुर्वेद दोनों के अनुसार शरीर में कॉपर की अधिक मात्रा कई बार शरीर के संतुलन को प्रभावित कर सकती है। अगर किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल अक्सर ऊपर-नीचे होता रहता है, तो तांबे के पानी का ज्यादा सेवन समस्या बढ़ा सकता है। इसलिए ऐसे लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।तांबे का पानी सही मात्रा में और सही तरीके से पिया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन हर व्यक्ति की शरीर प्रकृति और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। इसलिए अगर आपको कोई पुरानी बीमारी है या शरीर में कोई खास समस्या है, तो तांबे का पानी नियमित रूप से पीने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।   

 

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