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जब मुकेश अंबानी को भाई के साथ गैरेज में गुजारनी पड़ी रात, एक गलती की मिली थी कठोर सजा

  • Edited By Priya dhir,
  • Updated: 15 Apr, 2021 01:04 PM
जब मुकेश अंबानी को भाई के साथ गैरेज में गुजारनी पड़ी रात, एक गलती की मिली थी कठोर सजा

दुनिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। आज करोड़ों के महल में रहने वाले मुकेश अंबानी को एक वक्त में गैरेज में भी रहना पड़ा। मुकेश ही नहीं उनके भाई अनिल अंबानी को भी। आखिर क्यों ये दोनों भाई गैरेज में रहने को मजबूर हुए चलिए इसकी वजह आपको बताते हैं।

इस बात का खुलासा खुद मुकेश अंबानी ने एक इंटरव्यू में किया था। फेमस एंकर सिमी ग्रेवाल के शो में मुकेश अंबानी ने एक किस्सा शेयर किया था। मुकेश अंबानी अपने बचपन का किस्सा याद करते हुए धीरूभाई अंबानी को लेकर बताते हैं कि वह अनुशासन को लेकर काफी सख्त थे। मुकेश अंबानी ने कहा था, “एक शाम हमारे घर में कुछ मेहमान आए, उस समय मेरी उम्र लगभग 10-11 साल थी, वहीं, अनिल 9 साल के थे। हम दोनों ने शरारत की। जैसे हर बच्चे करते हैं। मेरी मां मेहमानों के लिए खाना लेकर आई, लेकिन इससे पहले की मेहमान कुछ खा पाते, हम दोनों भाइयों ने सारा खाना खत्म कर दिया। जिसके बाद मेरे पिता ने हमें विनम्रतापूर्वक समझाते हुए कहा कि ठीक है, अब चुपचाप बैठ जाओ।”
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मुकेश अंबानी ने आगे कहा, “लेकिन हम दोनों अपनी ही अलग दुनिया में थे। हम मेहमानों के सामने एक सोफे से दूसरे सोफे पर कूद रहे थे। हम दोनों खूब बदमाशी कर रहे थे। अगली सुबह पापा बहुत ही गुस्से में थे।”

उन्होंने आगे बताया था, “पापा ने हम दोनों को बुलाया और कहा कि मुकेश और अनिल, तुम दोनों यहां से बाहर जाओ। आज से तुम दोनों अगले दो दिनों के लिए गैरेज में रहोगे, जब तक कि तुम लोग व्यवहार करना ना सीख जाओ। जब तक तुम दोनों को पछतावा नहीं होगा, तुम्हें बाहर नहीं निकाला जाएगा। पिताजी की सजा सुन मेरी मां ने गुहार लगाई कि दोनों छोटे बच्चे हैं, इन्हें छोड़ दीजिए। हालांकि, उन्होंने किसी की एक ना सुनी। हम दोनों को दो दिनों के लिए गैरेज में बंद कर दिया गया और केवल रोटी और पानी दिया गया। इससे हमें अहसास हुआ और इस दौरान हम दोनों भाइयों के बीच प्यार भी बढ़ा।”
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इस किस्से को बताते हुए मुकेश अंबानी काफी भावुक हो गए थे। उन्होंने बताया कि यह सजा मिलने के बाद अनिल और उन्होंने कभी भी ऐसी शरारत दोबारा नहीं की। साथ ही मुकेश अंबानी ने कहा कि उन्होंने पिता से सीखा है कि जिंदगी में सफलता पाने के लिए इंसान में विनम्रता का गुण होना बेहद आवश्यक है।

बता दें, धीरूभाई अंबानी का निधन साल 2002 में दिल का दौरा पड़ने से हुआ था।

 

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