नारी डेस्क : आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में तनाव, थकान और नींद न आना आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में आयुर्वेद में बताई गई अश्वगंधा एक ऐसी प्राकृतिक औषधि है, जो शरीर और दिमाग दोनों को संतुलन में रखने में मदद करती है। इसे एक प्राकृतिक एडाप्टोजेन माना जाता है, जो शरीर को तनाव से लड़ने की क्षमता देता है। जाानें सेवन का सही तरिका।
तनाव और मानसिक बेचैनी में राहत
अश्वगंधा शरीर में मौजूद स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को नियंत्रित करने में सहायक मानी जाती है।
नियमित सेवन से घबराहट और बेचैनी कम होती है
मानसिक दबाव में राहत मिलती है
मन शांत और स्थिर रहता है
ऑफिस वर्क, पढ़ाई या पारिवारिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए यह बेहद लाभकारी मानी जाती है।

नींद न आने की समस्या में असरदार
अनिद्रा आज एक आम परेशानी है। अश्वगंधा:
दिमाग को शांत करती है
गहरी और प्राकृतिक नींद लाने में मदद करती है
नींद की गोलियों जैसी आदत नहीं डालती
नियमित सेवन से नींद का पैटर्न सुधरता है और सुबह उठने पर ताजगी महसूस होती है।
कमजोरी और थकान दूर करने में मददगार
लगातार थकान, शरीर में ऊर्जा की कमी और जल्दी थक जाना ये सभी कमजोरी के संकेत हैं। अश्वगंधा:
शरीर की ऊर्जा और स्टैमिना बढ़ाती है
मांसपेशियों को मजबूती देती है
लंबे समय तक काम करने की क्षमता बढ़ाती है
पारंपरिक रूप से इसे शारीरिक ताकत बढ़ाने वाली औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।

इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक
अश्वगंधा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण
रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करते हैं
बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं
सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण के खतरे को कम कर सकते हैं।
जिम और फिटनेस करने वालों के लिए फायदेमंद
आजकल फिटनेस और जिम से जुड़े युवाओं में अश्वगंधा काफी लोकप्रिय हो रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह मसल्स स्ट्रेंथ बढ़ाने, रिकवरी तेज करने
एक्सरसाइज के बाद की थकान कम करने में सहायक हो सकती है।

पुरुषों के लिए विशेष लाभ
आयुर्वेद में अश्वगंधा को पुरुषों के लिए खास तौर पर लाभकारी माना गया है।
यह टेस्टोस्टेरोन स्तर सुधारने
स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी बढ़ाने
कमजोरी और ऊर्जा की कमी दूर करने
में मददगार मानी जाती है।
जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत
अश्वगंधा के एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण
जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने
गठिया और पुराने दर्द में राहत
शरीर की मूवमेंट बेहतर करने
में सहायक हो सकते हैं। बुजुर्ग भी डॉक्टर की सलाह से इसका सेवन कर सकते हैं।

सेवन का सही तरीका
अश्वगंधा चूर्ण: 3 से 6 ग्राम
सेवन का समय: रात को
कैसे लें: दूध या शहद के साथ
नोट: गर्भवती महिलाएं, थायराइड या ऑटोइम्यून रोग से पीड़ित लोग सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। संतुलित मात्रा में और चिकित्सकीय सलाह के साथ ही इसका सेवन सुरक्षित माना जाता है। बिना सलाह के सेवन से नुकसान भी हो सकता है।
अश्वगंधा तनाव, कमजोरी और नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक विकल्प हो सकती है। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर यह शरीर और मन दोनों को मजबूती देती है।