
नारी डेस्क : दिग्गज लेखक और गीतकार जावेद अख्तर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक AI जनरेटेड फेक वीडियो को लेकर नाराज नजर आ रहे हैं। जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए न सिर्फ कड़ी आपत्ति जताई है, बल्कि इसके पीछे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
क्या है वायरल वीडियो?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में जावेद अख्तर को सिर पर टोपी पहने हुए दिखाया गया है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने भगवान को मान लिया है। इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए जावेद अख्तर ने साफ कहा कि यह वीडियो पूरी तरह कंप्यूटर से बनाया गया फेक कंटेंट है और इसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है।
जावेद अख्तर ने ट्वीट में क्या कहा?
जावेद अख्तर ने X पर लिखा, एक फेक वीडियो सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें मेरी कंप्यूटर से बनाई गई तस्वीर दिखाई गई है और मेरे सिर पर टोपी है। इसके साथ यह दावा किया जा रहा है कि आखिरकार मैंने भगवान को मान लिया है। यह पूरी तरह बकवास है। उन्होंने आगे लिखा, मैं इस मामले की साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पर गंभीरता से विचार कर रहा हूं और इस फेक वीडियो को बनाने वाले व्यक्ति और इसे आगे बढ़ाने वालों को मेरी इज्जत और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने के लिए कोर्ट में घसीटूंगा।
जावेद अख्तर के समर्थन में उतरे नेटिज़न्स
जावेद अख्तर के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स उनके समर्थन में सामने आए। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ टोपी पहन लेने से कोई धार्मिक नहीं हो जाता। वहीं एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, इस फेक वीडियो को बनाने वाले को अब भगवान से ज्यादा जरूरत अच्छे वकील की पड़ने वाली है।

हालिया बहस में भी रहे चर्चा में
गौरतलब है कि बीते महीने जावेद अख्तर ‘क्या भगवान मौजूद हैं?’ विषय पर हुई एक बहस को लेकर भी चर्चा में रहे थे। इस बहस में उन्होंने इस्लामिक विद्वान मुफ्ती शमाइल नदवी के खिलाफ हिस्सा लिया था। बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए, जहां कुछ लोगों ने उनकी खुलकर तारीफ की, तो कुछ ने उन्हें ट्रोल भी किया।
कौन हैं मुफ्ती शमाइल नदवी?
मुफ्ती शमाइल नदवी का पूरा नाम शमाइल अहमद अब्दुल्ला है। उनका जन्म 7 जून 1998 को कोलकाता में हुआ था। वह एक धार्मिक इस्लामिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने दारुल उलूम नदवतुल उलेमा से छह साल तक पढ़ाई कर मुफ्ती की डिग्री हासिल की है। इस दौरान उन्होंने कुरान, हदीस, इस्लामी कानून और धर्मशास्त्र का गहन अध्ययन किया।