नारी डेस्क: घर में इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे एसी, फ्रिज, मिक्सर ग्राइंडर, कुकवेयर और बाथवेयर अब महंगी हो सकती हैं। इसका कारण है तांबा और पीतल जैसी धातुओं की बढ़ती कीमतें। इन धातुओं का इस्तेमाल घरेलू उपकरणों और बर्तन बनाने में होता है। इसलिए जब कॉपर और पीतल महंगे होते हैं, तो इन चीजों की कीमतों में भी 5 से 10% तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
कॉपर की कीमतों में तेजी
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने तांबे की कीमत 12,000 डॉलर प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई। यह साल 2009 के बाद सबसे बड़ी सालाना बढ़ोतरी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन कंपनियों के उत्पादों में तांबा और पीतल का बड़ा हिस्सा होता है, जैसे कुकवेयर, बाथवेयर और ड्यूरेबल्स (घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण), वे अपनी लागत बढ़ने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी करने पर मजबूर हैं। कंपनियां तांबा आयात और स्थानीय स्रोत दोनों से खरीदती हैं। इसलिए वैश्विक स्तर पर कीमतों में उतार-चढ़ाव उनके उत्पाद की लागत पर असर डालता है।
कंपनियों का कहना
वंडरशेफ के फाउंडर रवि सक्सेना ने कहा, “तांबा और एल्युमीनियम की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। इसलिए हम अपने अप्लायंसेज और कुकवेयर में 5 से 7% कीमत बढ़ा रहे हैं। तांबा हमारे न्यूट्री-ब्लेंड और हाई-परफॉरमेंस मिक्सर ग्राइंडर जैसी लोकप्रिय मशीनों के लिए जरूरी मटेरियल है। इन ऊंची कीमतों की वजह से पूरे अप्लायंस इंडस्ट्री के मुनाफे पर दबाव है।” सोमनी बाथवेयर के हेड श्रीवत्स सोमानी ने बताया, “पीतल बाथवेयर इंडस्ट्री के लिए अहम मटेरियल है। वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही पीतल की कीमत 15 से 18% बढ़ चुकी है। हमारी सप्लायर्स ने भी दरें बढ़ा दी हैं। पहले ही दो तिमाहियों में इंडस्ट्री ने 12% कीमत बढ़ा दी थी।” गोदरेज एंटरप्राइजेज के बिजनेस हेड कमल नंदी ने कहा, “एसी की इनपुट कॉस्ट में कुल मिलाकर 8 से 10% की बढ़ोतरी हुई है। नए उत्पादित एसी की कीमतों में 7 से 8% तक की बढ़ोतरी आएगी, इसमें तांबे और एनर्जी टेबल चेंज की लागत का भी असर है।”
तांबे की कीमत बढ़ने के कारण
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने बताया कि तांबे और एल्युमीनियम जैसी औद्योगिक धातुओं की कीमत बढ़ने के कई कारण हैं:
ब्याज दरों में कमी
डॉलर का कमजोर होना
चीन की आर्थिक वृद्धि की उम्मीद
सप्लाई में रुकावट
नीतिगत बदलाव
एआई और तकनीकी खर्च में वृद्धि
विश्लेषकों का अनुमान है कि साल 2026 की पहली छमाही में लंदन मेटल एक्सचेंज पर तांबे की औसत कीमत लगभग 10,710 डॉलर प्रति टन रह सकती है।
घर वालों के लिए असर इस तेजी का सीधा असर घरेलू सामानों पर पड़ेगा। एसी, मिक्सर ग्राइंडर, कुकवेयर और बाथवेयर जैसी चीजें अब 5-10% महंगी हो सकती हैं। इसलिए अगर आप इन सामानों की खरीदारी करने का सोच रहे हैं, तो आपको थोड़ा ज्यादा खर्च करने के लिए तैयार रहना होगा।