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भारत के ऐसे गांव जहां रक्षाबंधन को अशुभ मानते हैं लोग

  • Edited By Bhawna sharma,
  • Updated: 03 Aug, 2020 01:58 PM
भारत के ऐसे गांव जहां रक्षाबंधन को अशुभ मानते हैं लोग

आज देशभर में राखी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुरक्षा करने का वचन लेती हैं। वहीं भाई भी अपनी बहन को उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं और साथ ही उन्हें उपहार भी देते हैं। लेकिन कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां के लोग राखी के त्यौहार से नफरत करते हैं। तो चलिए आज आपको बताते हैं भारत के उन तीन गांव के बारे में जहां राखी का त्यौहार नहीं मनाया जाता...

उत्तर प्रदेश के संभल जिला का गांव बेनीपुर चक

इस गांव में रहने वाले यादवों के साथ इतिहास की बेहद कड़वी याद जुड़ी हुई है। इस गांव के लोग पहले कहीं और रहते थे जहां उनकी की ठाकुरों के साथ अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। लेकिन ये कोई नही जानता था कि इस दोस्ती के पीछे ठाकुरों की कोई चाल थी। वे यादवों की जमींदारी हासिल करना चाहते थे। राखी के मौके पर ठाकुरों की बेटियों ने यादवों को राखी बांधने से पहले एक वचन मांगा कि वे जो भी मांगे उन्हें देना होगा। यादव भाइयों ने भी खुशी-खुशी उन्हें वचन दिया। लेकिन जब ठाकुर की बेटियों ने उनसे  गांव की जमींदारी मांगी तो उन्हें गहरा झटका लगा। लेकिन अपने वचन के चलते यादवों ने उन्हें गांव की जमींदारी दे दी और गांव का त्याग कर वहां से चले गए। बहन से मिले इस धोखे की वजह से यहां के लोगों ने राखी का त्यौहार ना मनाने की कसम खा ली थी। 

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भीखमपुर जगतपुरवा गांव

यूपी के गोंडा जिले में स्थित भीखमपुर जगतपुरवा गांव में राखी के त्यौहार का जिक्र करना भी मना है। करीब 65 साल पहले राखी के अवसर पर एक युवक का निधन हो गया था। जिसके बाद से लोगों ने राखी का पर्व नहीं मनाया। हालांकि युवाओं में इसके प्रति उत्याह को देखते हुए एक बार फिर से गांव में ये त्यौहार मनाया गया। लेकिन फिर से इस अवसर पर गांव में अनहोनी हो गई। तभी से इस गांव के लोग रक्षाबंधन के पर्व को अशुभ मानते हैं। 

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राजस्थान का पाली गांव

यहां पालीवाल लोग रहते हैं जो देश के अलग-अलग हिस्सों में बसे हुए हैं। राखी के साथ इन लोगों की कड़वी यादें जुड़ी हैं। दरअसल, सालों पहले राखी के दिन ही मुहम्मद गोरी ने इस गांव पर आक्रमण कर कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। यही वजह है कि गांव ने लोगों ने 800 सालों से राखी का पर्व नहीं मनाया है। यहां के लोग राखी को काला दिवस मानते हैं।

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