
नारी डेस्क: पंजाब के लुधियाना ज़िले में शेरेवाला गांव में अपने टूटे-फूटे घर के आंगन में 60 साल की शिंदर कौर चुपचाप बैठी हैं। उनके सामने छह फ़्रेम वाली तस्वीरें रखी हैं। इनमें से पांच उनके बेटों की हैं, जो सभी चिट्टे की लत की वजह से मर गए। छठी तस्वीर उनके पति की है, जिनकी कई साल पहले एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घर में बचा आखिरी बेटा भी चिट्टा के ओवरडोज के कारण मर गया।
चिट्टे की लत ने बुझा दिए चिराग
कांपते हाथों से, वह अपने छठे और आखिरी बेटे जसवीर सिंह (20) की एक छोटी पासपोर्ट साइज़ की तस्वीर पकड़े हुए शिंदर कौर कहती है, -"जसवीर की मौत 14 जनवरी को हुई थी। वह एक दूसरे युवक के साथ था जब ड्रग्स लेने के बाद वह गिर गया। उसके साथी ने बताया कि ड्रग्स के ओवरडोज के कारण उकसी तबीयत खराब हुई। चिट्टे की लत ने घर के आखिरी चिराग को भी बुझा दिया।
5 बेटाें का अपने हाथों से किया संस्कार
शिंदर कौर लगभग डेढ़ दशक से मौत का खेल देख रही है। शराब की लत के चलते 2012 में उनके पति मुख्तियार सिंह की मौत हो गई। फिर कुलवंत सिंह (20) 2013 में, गुरदीप सिंह (25) मार्च 2021 में, जसवंत सिंह (20) जुलाई 2021 में, राजू सिंह (33) जनवरी 2022 में, बलजीत सिंह (17) मार्च 2023 में, और अब जसवीर मारा गया। उन्होंने कहा- “पिछले पांच सालों में, मैंने अपने पांच बेटों का अंतिम संस्कार किया है। सभी की मौत ‘चिट्टा’ की लत से हुई। नशे की समस्या जितनी अधिकारी सोचते हैं, उससे कहीं ज़्यादा गहरी है। इसके लिए कुछ सख्त कदम उठाने की ज़रूरत है,”। वह पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ (नशा विरोधी अभियान) कैंपेन की असरदारता पर सवाल उठाते हुए कहती हैं।
बेबस मां ने की सख्त से सख्त कदम उठाने की अपील
शिंदर कौर ने कहा- “अगर मेरे जैसी महिलाओं को अपने बेटे नहीं खोने हैं, तो सरकार को सच में सख्त कार्रवाई करनी होगी। आधे-अधूरे प्रयासों से काम नहीं चलेगा। नशा बेचने वाले, चाहे छोटे हों या बड़े, उन्हें जेल में डालना ही होगा। तभी पंजाब को बचाया जा सकता है,” । अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दो लोगों के खिलाफ, जिसमें एक महिला भी शामिल है, गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कथित तौर पर नशीले पदार्थ सप्लाई किए थे।