
नारी डेस्क: एचपीवी (HPV) यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक ऐसा वायरस है, जो मुख्य रूप से यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। लगभग हर व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी HPV से संक्रमित हो सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि हर संक्रमण खतरनाक हो।
HPV वायरस और इसके खतरे
राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट और रिसर्च सेंटर के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. बताते हैं कि समस्या तब होती है जब HPV के कुछ खास प्रकार लंबे समय तक शरीर में रहते हैं। धीरे-धीरे ये प्रकार कैंसर का कारण बन सकते हैं एचपीवी के कुछ प्रकार गंभीर बीमारियों जैसे सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) और गले का कैंसर का कारण बन सकते हैं। यह वायरस आमतौर पर त्वचा से त्वचा संपर्क के माध्यम से फैलता है। इस वायरस की लगभग 100 से अधिक किस्में हैं, जिनमें से लगभग 40 किस्में यौन संपर्क से फैलती हैं। महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामलों में HPV संक्रमण मुख्य कारण होता है।
HPV वैक्सीन क्या काम करती है?
एचपीवी वैक्सीन शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करती है। यह शरीर में एंटीबॉडी बनाती है, जो भविष्य में HPV वायरस के संपर्क में आने पर संक्रमण से बचाव करती है।
ध्यान दें
HPV वैक्सीन पहले से मौजूद संक्रमण या कैंसर का इलाज नहीं करती, बल्कि संक्रमण से बचाव करती है। इसे संक्रमण से पहले लगवाना सबसे प्रभावी माना जाता है। यह वैक्सीन लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए जरूरी है। कई लोग मानते हैं कि यह टीका सिर्फ महिलाओं के लिए है, लेकिन यह धारणा गलत है। पुरुषों में भी HPV संक्रमण से गले, एनल और जननांगों से जुड़े कैंसर हो सकते हैं।
किसे HPV वैक्सीन लगवानी चाहिए?
9 से 14 साल के बच्चों के लिए HPV वैक्सीन सबसे प्रभावी मानी जाती है।
पहला टीका
6-12 महीने बाद दूसरा टीका, 15 से 26 साल तक के युवाओं को भी सुरक्षित रूप से वैक्सीन लग सकती है। कुछ मामलों में 45 साल तक वैक्सीन लगाई जा सकती है।
वैक्सीन की डोज़
9 से 15 वर्ष: दो टीके

पहला टीका
6-12 महीने बाद दूसरा टीका
15 वर्ष और उससे अधिक उम्र: तीन टीके
पहला टीका
1-2 महीने बाद दूसरा टीका
6 महीने बाद तीसरा टीका
HPV वैक्सीन की सुरक्षा और साइड इफेक्ट
HPV वैक्सीन को सुरक्षित और प्रभावी माना गया है। इसके हल्के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, हल्का बुखार, थकान। ये साइड इफेक्ट्स कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं।