03 OCTMONDAY2022 2:00:34 AM
Nari

देवी दुर्गा के नाम पर हैं इन मशहूर शहरों के नाम, दिल्ली-मुंबई भी है इस लिस्ट में

  • Edited By palak,
  • Updated: 21 Sep, 2022 06:21 PM
देवी दुर्गा के नाम पर हैं इन मशहूर शहरों के नाम, दिल्ली-मुंबई भी है इस लिस्ट में

सितंबर का महीना खत्म होने वाला है। इस महीने के अंत में मां दुर्गा के नवरात्रि के त्योहार शुरु होने वाले हैं। नवरात्रि को हिंदु धर्म के लोगों का बहुत ही पवित्र त्योहार माना जाता है। यह त्योहार साल में दो बार आता है। पूरे देश में इसे बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि 26 सितंबर से शुरु होने वाले हैं। आपको भारत की 7 ऐसी जगहों के नाम बताते हैं जिनके नाम मां दुर्गा के नाम पर रखे गए हैं। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में...

श्रीनगर 

जम्मू कशमीर के राज्य श्रीनगर के बारे में आपने कई बार सुना होगा। इस राज्य की हरियाली और प्राकृतिक दृश्य लोगों का मन मोह लेते हैं। लेकिन बहुत से कम लोग जानते हैं कि इस राज्य का नाम मां दुर्गा के नाम पर रखा गया है। श्रीनगर का नाम मां लक्ष्मी के नाम पर पड़ा है।

PunjabKesari

त्रिपुरा

भारत के पूर्वोत्तर में स्थित राज्य त्रिपुरा का नाम सुंदरी मंदिर के नाम पर रखा गया है। यह मंदिर अगरतला से 55 किलोमीटर की दूरी पर एक पहाड़ी पर स्थित है। 

नैनीताल 

नैनीताल का नाम मां दुर्गा के अवतार नैना देवी के नाम पर रखा गया है। ऐसा माना जाता है कि मां सती की आंख यहां पर गिरी थी। इसलिए यहां पर नैना देवी मंदिर बना हुआ है। 

PunjabKesari

मुंबई 

सपनों की नगर मुंबई का नाम भी मां देवी के नाम से रखा गया है। यहां पर मुंबई देवी मंदिर है तो जावेरी बाजार में स्थित है। यह मंदिर बहुत ही पुराना है। इस मंदिर को 500 साल पहले महा अम्बा देवी के सम्मान में बनाया गया था।  

PunjabKesari

मैंगलोर 

मैंगलोर का नाम मां मंगला देवी के नाम पर रखागया है। यह मंदिर 9वीं शताब्दी में अलुपा राजवंश के राजा कुंदवर्मन के द्वारा बनाया गया था।

PunjabKesari

चंडीगढ़

पंजाब के राज्य चंडीगढ़ का नाम भी मां चंडी देवी के नाम पर रखा गया था। यहां पर मां चंडी देवी का मंदिर स्थित है। यह मंदिर स्थानीय लोगों और पर्यटकों का भी बहुत धार्मिक महत्व है। 

PunjabKesari

दिल्ली 

दिल्ली के एक हिस्से को योगीनीपुर भी कहते हैं। दिल्ली के महरौली क्षेत्र में योगमाया मंदिर था। मुगलों के शहर में प्रवेश करने के लिए यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध था। इसका निर्माण पांडवों ने किया था। यह मंदिर पांडवों 5000 साल पुराना है। 

PunjabKesari
 

Related News