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महिलाएं न करें नजरअंदाज, ये हैं हार्मोनल असंतुलन के संकेत

  • Updated: 04 Nov, 2017 03:55 PM
महिलाएं न करें नजरअंदाज, ये हैं हार्मोनल असंतुलन के संकेत

शारीरिक क्रिया को सुचारू रखने के लिए शरीर में हार्मोंनल संतुलन होना चाहिए। अगर हार्मोनल असंतुलन हो जाए तो महिलाओं को धीरे-धीरे कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हार्मोन्ल असंतुलन एक साइलेंट किलर है जिसमें अक्सर महिलाओं का स्वभाव चि़ड़चिड़ा हो जाता है। ज्यादातर महिलाओं में यह समस्या 40 से 50 की उम्र में देखने को मिलती है लेकिन बदलते लाइफस्टाइल में यह प्रॉबल्म 20 से 30 की उम्र की महिलाओं में भी दिख रही है। हार्मोनल असंतुलन का सबसे बड़ा का कारण शरीर में होने वाली हार्मोनल दिक्कतें है। इन दिक्कतों में सुधार लाना बहुत जरूरी है। यह तभी संभव हो सकता है जब हम लोग अपनी डाइट और डेली रूटिन में परिवर्तन लाएंगे। हार्मोनल असंतुलन के कई लक्षण नजर आने लगते है जिनसे आप पहचान सकते है कि शरीर में हार्मोनल समस्याएं शुरू होने वाली है।  

 

1. अनियमित पीरियड्स
पीरियड्स टाइम पर न आना, वैसे तो यह समस्या बहुत सी महिलाओं को है लेकिन लंबे समय से पीरियड्स सही अंतराल में नहीं आ रहे तो यह हार्मोंन्स के असंतुलित होने के ही संकेत हैं। ऐसा एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन्स की अधि‍कता या कमी की के कारण होता है।

2. त्वचा पर पिंपल्स
वैसे तो त्वचा पर पिंपल्स होना आम है लेकिन अगर किसी महिला के जॉ-लाइन एरिया पर  बार-बार या ढेर सारे पिंपल्स निकल आए और ठीक होने का नाम ही नहीं ले रहे तो यह भी हार्मोंस अंसतुलन का ही संकेत हैं। 

3. नींद आना और थकावट
अगर बिना किसी श्रम के भी थकावट महसूस होती रहती हैं तो यह भी हार्मोन्स के असंतुलन का कारण हो सकता है। दरअसल, ऐसा प्रोजेस्टेरॉन की अधि‍कता की वजह से होता है जिससे हर समय नींद और थकान महसूस होती है।

4. बहुत ज्यादा पसीना आना
हार्मोंस हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रण में रखते हैं , अगर  इनमें गड़बड़ी हो जाए तो बॉडी टेम्परेचर में भी बदल जाता हैं। अचानक रात को तेज गर्मी व पसीना आना हार्मोंस परिवर्तन का ही संकेत हैं।

5. वजन बढ़ना
अगर आपका वजन तेजी से बढ़ रहा हैं और आपके कोशिश करने के बाद भी कंट्रोल में नहीं आ रहा तो यह भी हार्मोन्स के असंतुलन का कारण है। हार्मोनल असंतुलन के कारण शऱीर में इंसुलिन का स्तर और चयापचय में गड़बड़ी आ जाती है जिससे शरीर में चर्बी को खत्म करने की क्षमता कम हो जाती है और वजन तेजी से बढ़ने लगता है। 

6. तनाव और चिंता
अगर आपका मूड हमेशा खराब या अपने आपको तनावग्रस्त महसूस करते हैं तो यह भी हार्मोंस इंबेलेंस ही है। इससे स्वभाव में परिवर्तन आ जाता है।इसके लिए हेल्दी डायट, एक्सरसाइज़, योगा को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं।

7. ज्यादा भूख लगना
एस्ट्रोजेन हार्मोन के स्तर में कमी के कारण आपको आवश्यकता से अधि‍क भूख लगती हैं और जरूरत से ज्यादा खा लेते है जिससे मोटापा बढ़ने लगता है।

8. अनचाहे बाल
अगर चेहरे या शरीर के अन्य हिस्से (फोरहेड, हाथ-पैर, अपरलिप, पेट, छाती) पर मोटे और टाइट बाल आना भी हार्मोनल असंतुलन के कारण हो सकता है। 

9. इंटरकोर्स में अरूचि
हार्मोंन गड़बड़ी का आपकी लव लाइफ पर भी बुरी प्रभाव पड़ता है क्योंकि यह सैक्स की इच्छा को खत्म कर देता है। एस्ट्रोजन इस रूचि में वृद्धि और प्रोजेस्टेरॉन कमी लाता है। 

10. कमजोर याददाश्त 
अगर बार-बार छोटी-छोटी बातें भूल जाते हैं या रोजमर्रा की चीजें याद नहीं रख पाते तो ये आपके शरीर में हार्मोनल असंतुलन का ही एक कारण हो सकता है। 


 

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