
नारी डेस्क: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन Rajpal Yadav एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल जाने के बाद अब उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से 16 फरवरी तक की अंतरिम जमानत मिली है। इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं बिजनेसमैन Madhav Gopal Agrawal, जिनसे राजपाल यादव ने अपनी फिल्म अता पता लापता के लिए बड़ा लोन लिया था।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
राजपाल यादव ने अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म Atapata Lapata के निर्माण के लिए साल 2010 के आसपास माधव गोपाल अग्रवाल से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। उस वक्त एक्टर ने दावा किया था कि फिल्म लगभग पूरी हो चुकी है और रिलीज से पहले फंड्स की सख्त जरूरत है। लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई और महज 37 लाख रुपये ही कमा सकी। इसके बाद राजपाल यादव तय समय पर लोन चुका नहीं पाए, जिस पर ब्याज जुड़ता चला गया और रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
कौन हैं माधव गोपाल अग्रवाल?
माधव गोपाल अग्रवाल मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े एक बिजनेसमैन हैं। उनका फिल्म इंडस्ट्री से सीधा कोई नाता नहीं है। वे केआर पल्प एंड पेपर्स लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों से भी जुड़े रहे हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनकी पहली मुलाकात राजपाल यादव से सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया के जरिए हुई थी।
“मैं उनके घर जाकर बच्चों की तरह रोया”
माधव अग्रवाल के मुताबिक, शुरुआत में उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया था। लेकिन बाद में राजपाल यादव की पत्नी राधा के लगातार भावुक संदेशों और मदद की अपील के बाद वे मान गए। अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने खुद अलग-अलग स्रोतों से पैसे उधार लेकर राजपाल यादव को लोन दिया था। जब लंबे समय तक भुगतान नहीं हुआ, तो वे बेहद परेशान हो गए। उन्होंने कहा, मैं संकट में उनके घर गया और उनसे पैसे लौटाने की गुहार लगाते हुए बच्चों की तरह फूट-फूटकर रोया।
निवेश नहीं, साफ-साफ लोन था
माधव अग्रवाल का कहना है कि यह रकम निवेश नहीं बल्कि लोन थी। इसके लिए कानूनी एग्रीमेंट हुआ था, जिसमें साफ लिखा था कि भुगतान फिल्म की सफलता या रिलीज से जुड़ा नहीं होगा। यही वजह है कि पर्सनल गारंटी और चेक भी लिए गए थे। जब राजपाल यादव द्वारा दिए गए चेक बाउंस हो गए, तो मामला कोर्ट तक पहुंचा। साल 2018 में अदालत ने एक्टर को दोषी ठहराया और उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई गई। बाद में लगातार सुनवाई और ब्याज के चलते मामला और गंभीर होता चला गया।
अब आगे क्या?
फिलहाल राजपाल यादव को अंतरिम जमानत मिल चुकी है, लेकिन केस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में कोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं। यह मामला एक बार फिर बताता है कि फिल्म इंडस्ट्री में फाइनेंशियल डील्स कितनी जटिल और जोखिम भरी हो सकती हैं।