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जन्मजात हृदय रोगियों को कोरोना का खतरा नहीं, नए शोध का खुलासा

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 18 Oct, 2020 05:04 PM
जन्मजात हृदय रोगियों को कोरोना का खतरा नहीं, नए शोध का खुलासा

दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर अभी भी जारी है। शोध के मुताबिक, डायबिटीज या दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को कोरोना वायरस का अधिक खतरा होता है क्योंकि उनका इम्यूनट सिस्टम स्वस्थ लोगों के मुकाबले ज्यादा कमजोर होता है। मगर, हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग जन्म से ही दिल की बीमारियों से ग्रस्त होते हैं, उनमें इसका खतरा नहीं होता।

जन्मजात हृदय रोगियों को कोरोना का खतरा नहीं

दरअसल, कोलंबिया विश्वविद्यालय अंतर्गत इरविंग मेडिकल सेंटर में हुए अध्ययन में कहा गया है कि जो बच्चे जन्मजात हार्ट डिसीज के साथ पैदा होते हैं, उन्हें गंभीर कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं है। शोधकर्ता अमेरिका के वैगेलोस कॉलेज ऑफ फिजिशियन और सर्जन में जन्मजात दिल के रोगियों का विश्लेषण करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं। उनका कहना है कि सिर्फ जन्मजात हृदय रोग गंभीर कोरोना लक्षणों का कारक नहीं हो सकता।

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0.8% जन्मजात हृदय रोगियों में पाए गए कोरोना के लक्षण

अध्ययन के अनुसार, सिर्फ 7 हजार जन्मजात हृदय रोगी में से केवल 53 यानि 0.8% (43 वयस्क और 10 बच्चे) में ही कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। वहीं, 53 में से 80% यानी 43 मरीजों के कोरोना लक्षण हल्के थे। इसके अलावा 9 मरीजों में गंभीर लक्षण थे। इसके अलावा इन 7 हजार में से सिर्फ 3 मरीजों की ही कोरोना से मौत हुई। हालांकि महामारी की शुरुआत में आशंका जताई जा रही थी जन्म से ही दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को कोरोना संक्रमण का अधिक खतरा है।

आनुवांशिक सिंड्रोम को भी अधिक खतरा

शोधकर्ताओं के मुताबिक, आनुवांशिक सिंड्रोम वाले मरीजों को भी कोरोना की संभावना होती है लेकिन जन्मजात हृदय रोगियों पर इसका कोई खास असर नहीं होता। 

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सीडीसी की गाइडलाइन करें फॉलो

मगर, शोधकर्ताओं की संभावना है कि दूसरे मरीजों की तुलना में बुजुर्गों को जोखिम अधिक हो। इस बारे में अभी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। वैज्ञानिकों ऐसी सिचुएशन में हर किसी को सावधानियां और सीडीसी के दिशानिर्देशों फॉलो करने की सलाह दे रहे हैं।

यूं रखें दिल का ख्याल

-डाइट में जितना हो सके विटामिन सी, फाइबर, प्रोटीन जैसी चीजें लें। साथ ही मसालेदार, जंक फूड्स और ऑयली भोजन से दूर रहें।
-दिनभर में कम से कम 8-9 गिलास पानी जरूर पीएं। 
-ताजी सब्जियां, मौसमी फल, सूखे मेवे, जूस, नारियल पानी, सलाद, साबुत अनाज को भी डाइट का हिस्सा बनाएं।
-रोजाना 30-35 मिनट एक्सरसाइज या योग जरूर करें। सारा दिन एक ही पोजिशन में ना बैठें।
-लंच, रात को भोजन के बाद 10-15 मिनट की सैर जरूर करें।

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अगर किसी भी तरह की परेशानी हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें। सेहत से जुड़ी जानकारी के लिए 'नारी केसरी' के साथ जुड़े रहें।

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