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Nari

"घर के सामने मेरे पति को लगा दी आग..." बांग्लादेश में जलाए गए हिंदू की पत्नी ने  बयां किया खौफनाक मंजर

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 02 Jan, 2026 05:02 PM

नारी डेस्क: खोकन चंद्र दास के परिवार ने शुक्रवार को उन पर हुए क्रूर हमले की भयावहता बताई, और कहा कि हमले के पीछे भीड़ का मकसद साफ नहीं है क्योंकि वह एक शांतिप्रिय व्यक्ति थे। दास फिलहाल हमले में 30 प्रतिशत जलने के बाद ढाका में इलाज करवा रहे हैं। उनकी पत्नी, सीमा दास बहुत दुखी थीं। अपने बच्चे को गोद में लिए हुए, उन्होंने दुख जताया कि कैसे दास को बदमाशों ने घर में घुसने से पहले ही पकड़ लिया और उन पर हमला किया।


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 पीड़ित पर किए लाठियों से वार

सीमा दास ने एएनआई से कहा- "मेरे पति, जो एक व्यवसायी हैं, घर में घुस रहे थे तभी भीड़ ने उन पर गैसोलीन से हमला किया और आग लगा दी। वह एक शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं जो शांतिपूर्ण जीवन जीते हैं। उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और हम हमले के पीछे का मकसद समझ नहीं पा रहे हैं,"। पीड़ित की बहन अंजना रानी दास ने कहा कि दास के सिर पर लाठियों से वार करने के कारण वह खून से लथपथ हो गए थे।। उन्होंने मदद के लिए चिल्लाते हुए पानी में कूदने की कोशिश की," ।


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परिवार ने की इंसाफ की मांग

खोकन दास के भतीजे ने कहा- "हम पूरी जांच चाहते हैं और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। मेरे चाचा की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वह ICU में हैं और उनकी हालत बहुत गंभीर है। खून के प्यासे भीड़ हत्या के इरादे से उनके पास आई थी।" शरियतपुर के दामुड्या में बदमाशों ने दास पर हमला किया और उन्हें घायल कर दिया। उस समय, उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। प्रथम आलो के अनुसार, यह घटना बुधवार रात करीब 8:30 बजे दामुड्या के कनेश्वर यूनियन के केउरभंगा बाजार के पास हुई। बाद में स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाया और शरियतपुर सदर अस्पताल ले गए, जहां इमरजेंसी डिपार्टमेंट में उनका शुरुआती इलाज हुआ और बाद में रात में हालत बिगड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए ढाका भेज दिया गया।

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