
नारी डेस्क : नए साल की शुरुआत के साथ ही देशभर में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत से लेकर पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत तक तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में लोगों को इस कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। IMD ने अगले 5 दिनों के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई स्थानों पर कोल्डवेव (Cold Wave) का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान शीतलहर के कारण ठिठुरन बढ़ेगी, सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।
पूर्वी और मध्य भारत में भी टूटेंगे ठंड के रिकॉर्ड
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी और मध्य भारत में भी इस बार ठंड अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है। IMD ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई इलाकों में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
दक्षिण भारत में भी ‘कंपकपी’ वाली ठंड
दक्षिण भारत में आमतौर पर ठंड का असर कम देखा जाता है, लेकिन इस बार यहां भी हालात बदले नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के जिलों में अगले 5 दिनों तक कड़ाके की शीतलहर चल सकती है। वहीं तेलंगाना के कई हिस्सों में रात के तापमान में असामान्य गिरावट दर्ज की जा रही है। IMD ने यहां के कई इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुबह और रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
उत्तर-पूर्व भारत में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी की चेतावनी
पूर्वोत्तर भारत में भी बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। IMD के अनुसार, अगले एक सप्ताह में यहां सर्दी के पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं। मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर और नागालैंड सबसे अधिक प्रभावित रहने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में पाला (Frost) पड़ सकता है। मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर चलेगी। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है। इसका असर सड़क यातायात और हवाई सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
लोगों को बरतने की सलाह: सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचें। गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।