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अपर्णा संभाल रही चमोली में रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान, पहले 7 चोटियों पर लहरा चुकी हैं तिरंगा

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 09 Feb, 2021 04:13 PM
अपर्णा संभाल रही चमोली में रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान, पहले 7 चोटियों पर लहरा चुकी हैं तिरंगा

उत्तराखंड, चमोली में हुए जलप्रलय ने ना सिर्फ कई घर तबाह कई दिए बल्कि कई लोगों की जिंदगियां भी छीन ली। वहीं, कई लोग अभी भी लापता है, जिनका पता लगाने के लिए ITBP और NDRF की रेस्क्यू मिशन में लगी हुई हैं। इस टीम को IPS अफसर अपर्णा कुमार लीड कर रही हैं। उत्तराखंड में रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाले हुए अपर्णा इससे पहले भी कई बहादुरी वाले कारनामें कर चुकी हैं। चलिए आपको बताते हैं कि आखिर अपर्णा कुमार कौन है...

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कौन हैं IPS अपर्णा कुमार? 

कर्नाटक के शिवमोगा की रहने वाली अपर्णा भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की DIG हैं। 2002 कैडर की IPS अफसर अर्पणा ने कर्नाटक से स्कूलिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद BA-LLB की। उनके पति संजय कुमार भी यूपी कैडर के IAS अफसर हैं।

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सबसे ऊंची 7 चोटियों पर लहरा चुकी हैं तिरंगा

वह भारत की पहली ऐसी महिला भी है जिन्होंने दुनिया 7 सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा लहराया है। वह माउंट एवेरेस्ट, माउंट एल्ब्रुस, माउंट डेनाली, माउंट किलिमंजारो, विन्सन मैसिफ, कार्सटेंस पिरामिड और माउंट एकांकागुआ पर चढ़ाई कर चुकी हैं। अलग-अलग महाद्वीपों की इन चोटियों को '7 समिट्स' भी कहा जाता है। उन्होंने 2017 में दुनिया की 8वीं सबसे ऊंची चोटी माउंट मानसालु पर तिरंगा लहराया, जो नेपाल में है। बता दें कि मांउटएवरेस्ट पर चढ़ाई करने के लिए उन्होंने जुलाई 2014 में ABVIMAS एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स भी किया, जिसमें उन्हें A-Plus ग्रेड मिला था।

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दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाली पहली महिला अफसर

कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद उन्होंने 2019 में -40 डिग्री तापमान में दक्षिणी ध्रुव (साउथ पोल) पर चढ़ाई की। ऐसा करने वाली भी अर्पणा पहली भारतीय महिला अफसर है। बता दें कि इस दौरान उन्होंने कई भारी भारी उपकरण भी उठाए हुए थे।

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तेनजिंग नोर्गे अवॉर्ड से सम्मानित

उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा भूमि साहसिक कार्य के लिए 2018 में तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार (Tenzing Norgay National Adventure Award) से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसे खेलकूद के लिए मिलने वाले अर्जुन पुरस्कार के समान माना जाता है। इसके अलावा उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने "रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार" भी मिल चुका है।

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