
नारी डेस्क: उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल के प्रतिष्ठित मां नैना देवी मंदिर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग मंदिर परिसर के भीतर जूते पहने दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मुस्लिम परिवार हनुमान मंदिर के बगल से बाहर की ओर आते नजर आ रहे हैं और उनके पैरों में जूते स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। यह तब हुआ जब देवभूमि के मंदिरों आश्रमों गंगा घाटों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित किए जाने की चर्चाओं चल रही हैं

दरअसल मंदिर में जूते पहनकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके लिए परिसर में निर्धारित शू-स्टैंड की व्यवस्था की गई है, जहां श्रद्धालुओं को जूते उतारकर रखने होते हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए परिसर में अलग-अलग स्थानों पर कर्मचारी भी तैनात रहते हैं, ताकि कोई भी श्रद्धालु जूते पहनकर भीतर प्रवेश न कर सके। इसके बावजूद वायरल वीडियो में नियमों के उल्लंघन का द्दश्य सामने आने से सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो कब और किसने बनाया, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है लेकिन सोशल मीडिया पर यह वीडियो बहस का विषय बना हुआ है।

इस मामले पर मां नयना देवी अमर उदय ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव लोचन साह ने मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह वीडियो उनकी जानकारी में नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट की बैठकों में कभी भी किसी विशेष समुदाय के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है और मंदिर सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के प्रवेश पर व्यक्तिगत रूप से सवाल उठाना या उसे विवाद का रूप देना उचित नहीं है। ट्रस्ट अध्यक्ष ने हालांकि यह स्वीकार किया कि यदि मंदिर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो मामले की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है।फिलहाल, प्रशासन और ट्रस्ट दोनों की ओर से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की गई है।