नारी डेस्क : लिवर को हिंदी में यकृत कहा जाता है। जब लिवर में मौजूद कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और गांठ या ट्यूमर का रूप ले लेती हैं, तो इसे लिवर कैंसर कहा जाता है। लिवर शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जिसका काम खून को साफ करना, पाचन में मदद करना और शरीर के लिए ऊर्जा का संचय करना होता है। ऐसे में लिवर कैंसर होने पर शरीर की पूरी कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगती है और समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसीलिए जरूरी है कि लिवर कैंसर के शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचाना जाए।
लिवर कैंसर के शुरुआती लक्षण (Early Signs of Liver Cancer)
पेट में दर्द
लिवर कैंसर का सबसे आम और शुरुआती लक्षण पेट में दर्द माना जाता है। यह दर्द आमतौर पर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में महसूस होता है, जहां लिवर स्थित होता है। शुरुआत में यह दर्द हल्का या कभी-कभी महसूस होने वाला हो सकता है, लेकिन समय के साथ यह लगातार बना रहता है। कई लोगों को इस हिस्से में भारीपन, दबाव या खिंचाव जैसा एहसास होता है। ट्यूमर बढ़ने के कारण लिवर का आकार बढ़ जाता है, जिससे आसपास की नसों और ऊतकों पर दबाव पड़ता है और दर्द होने लगता है।

पेट का फूलना
लिवर कैंसर में लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है, जिसके कारण पेट के अंदर तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में एसाइटिस कहा जाता है। तरल पदार्थ बढ़ने से पेट सामान्य से ज्यादा फूला हुआ, कसा हुआ और भारी दिखाई देता है। कई बार पेट फूलने के साथ सांस लेने में दिक्कत, बैठने या झुकने में परेशानी भी होने लगती है। यह लक्षण आमतौर पर बीमारी के बढ़ने का संकेत माना जाता है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अचानक वजन कम होना
लिवर कैंसर में बिना किसी डाइटिंग या एक्सरसाइज के वजन तेजी से कम होने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता और शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। वजन घटने के साथ-साथ चेहरे, हाथों और गर्दन की मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगती हैं, जिससे त्वचा ढीली, लटकी हुई और थकी-सी नजर आने लगती है। कई बार पेट बाहर की ओर फूला हुआ दिखाई देता है, लेकिन इसके बावजूद शरीर का बाकी हिस्सा दुबला होता चला जाता है।
पीलिया (Jaundice)
लिवर कैंसर होने पर लिवर अपनी सामान्य कार्यप्रणाली सही ढंग से नहीं कर पाता, जिससे शरीर में बिलीरुबिन नामक तत्व जमा होने लगता है। इसके कारण व्यक्ति को पीलिया हो जाता है। पीलिया में सबसे पहले आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिखाई देने लगता है, इसके बाद त्वचा का रंग भी पीला पड़ने लगता है। कई मामलों में पेशाब का रंग गहरा हो जाता है और खुजली की समस्या भी होने लगती है। यह लक्षण लिवर की गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है, इसलिए इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

भूख न लगना और मतली
लिवर कैंसर में पाचन प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है, जिससे व्यक्ति को भूख कम लगने लगती है। अक्सर खाने का मन नहीं करता और खाने के बारे में सोचते ही मतली या उलटी जैसा एहसास होने लगता है। कई बार बहुत थोड़ा सा खाने पर ही पेट भरा हुआ लगता है, जिसे अर्ली सैटायटी कहा जाता है। यह स्थिति शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने देती, जिससे कमजोरी और वजन कम होने की समस्या और बढ़ सकती है।
अत्यधिक थकान
लिवर कैंसर में शरीर की ऊर्जा बनाने और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे व्यक्ति को बिना कोई काम किए भी लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती रहती है। सुबह उठते ही शरीर भारी लग सकता है और दिनभर सुस्ती बनी रहती है। छोटे-छोटे काम करने पर भी शरीर टूटता हुआ और निढाल महसूस होता है, जिससे रोजमर्रा की गतिविधियां करना मुश्किल हो जाता है।
त्वचा पर खुजली या चकत्ते
लिवर कैंसर में लिवर खून को सही तरीके से साफ नहीं कर पाता, जिससे शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं। इसके कारण बिना किसी स्किन एलर्जी या संक्रमण के भी त्वचा पर लगातार खुजली, लाल चकत्ते या रैशेज दिखाई देने लगते हैं। कई बार खुजली इतनी तेज होती है कि रात में नींद तक प्रभावित हो जाती है। यह लक्षण लिवर की खराब सेहत का संकेत हो सकता है और इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

पैरों में सूजन
लिवर कैंसर में शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे पैरों और टखनों में सूजन आने लगती है। यह सूजन धीरे-धीरे बढ़ सकती है और पैरों में भारीपन महसूस होने लगता है। कई बार जूते पहनने में दिक्कत होती है और लंबे समय तक खड़े रहने या चलने में परेशानी होने लगती है। पैरों की सूजन लिवर की गंभीर समस्या का संकेत हो सकती है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लिवर कैंसर में कहां होता है दर्द?
लिवर कैंसर की शुरुआती अवस्था में अक्सर दर्द स्पष्ट नहीं होता, लेकिन जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, दर्द भी बढ़ने लगता है।
पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द: लिवर बढ़ने के कारण इस हिस्से में भारीपन, दबाव और हल्का या तेज दर्द महसूस हो सकता है।
दाहिने कंधे में दर्द: लिवर कैंसर में दाहिने कंधे में भी दर्द हो सकता है, जिसे रेफर्ड पेन कहा जाता है। लिवर में सूजन होने पर नसों के जरिए दर्द का संकेत कंधे तक पहुंच जाता है।
पूरे पेट में दर्द: जब पेट में तरल पदार्थ ज्यादा जमा हो जाता है, तो पूरे पेट में दर्द और बेचैनी महसूस हो सकती है।
पसलियों के नीचे दर्द: लिवर कैंसर में दाहिनी तरफ पसलियों के नीचे दर्द हो सकता है। कई मामलों में यहां गांठ जैसी सूजन भी महसूस होती है।
अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण लंबे समय से नजर आ रहे हैं, तो इन्हें नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती अवस्था में लिवर कैंसर का इलाज संभव होता है।