18 MARWEDNESDAY2026 1:55:10 PM
Life Style

Chaitra Navratri 2026: जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 18 Mar, 2026 12:14 PM
Chaitra Navratri 2026: जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

नारी डेस्क:   हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। यह त्योहार मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए मनाया जाता है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस वर्ष यह पर्व 19 मार्च, गुरुवार, 2026 से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व है और उसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 2026

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के लिए पंडितों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार विशेष मुहूर्त निर्धारित किया गया है।

PunjabKesari

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक – मंदिरों और पंडालों में कलश स्थापना के लिए सबसे शुभ समय।

लाभ चौघड़िया: दोपहर 12:29 बजे से 1:59 बजे तक – कलश स्थापना का दूसरा उत्तम समय।

शुभ चौघड़िया: सुबह 6:54 बजे से 7:57 बजे तक – जो जातक दोपहर में पूजा नहीं कर सकते, उनके लिए यह समय भी उत्तम माना गया है।

इन शुभ मुहूर्तों में विधिपूर्वक कलश स्थापना करने से पूजा अधिक फलदायी होती है।

ये भी पढ़ें:  नवरात्रि में ये संकेत दिखें तो समझिए माता रानी हैं प्रसन्न, जल्द आएंगी खुशियां

पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री का स्वरूप शांत, सुशील और दयालु माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि विपत्ति के समय वे अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं। इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है।

सूर्य ग्रहण के साए में शुरू होगी नवरात्रि, माता रानी की चौकी सजाने से पहले जरूर करें ये काम

पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

कलश स्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री निम्नलिखित है

फूल

पान का पत्ता

लौंग, इलायची, जायफल

रूई की बत्ती

अक्षत (चावल)

धूप, दीपक और देसी घी

पंचमेवा

दूर्वा, सुपारी

पांच प्रकार के फल

नारियल

कलावा और मिट्टी का बर्तन

माता के लाल वस्त्र और लाल चुनरी

माता की तस्वीर या मूर्ति

श्रृंगार का सामान (मांगटीका, लाल बिंदी, सिंदूर, गजरा, झुमके, काजल, नथ, बाजूबंद, गले का हार, कमरबंद, मेहंदी, चूड़ियां, लाल रंग के वस्त्र, इत्र, बिछुआ)

PunjabKesari

लाल रंग का आसन

हवन कुंड और हवन सामग्री

आम के पत्तों का बंदनवार

कमलगट्टा, रेत और मिट्टी

मिट्टी या पीतल का कलश

जौ

माता के 16 श्रृंगार का सामान

मां दुर्गा को श्रृंगार का सामान अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। ऐसा करने से देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

नवरात्रि 2026 का महत्व

चैत्र नवरात्रि नौ दिन तक चलती है। इस दौरान माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह समय विशेष रूप से सकारात्मक ऊर्जा, मन की शांति और धार्मिक अनुशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पूजा के दौरान कलश स्थापना और सही सामग्री का उपयोग करना शुभफलदायक होता है। इस चैत्र नवरात्रि पर आप ऊपर बताए गए मुहूर्त और सामग्री का पालन कर अपनी पूजा विधिपूर्वक कर सकते हैं। इससे मां दुर्गा का आशीर्वाद आपके घर और जीवन में हमेशा बना रहेगा।
   

 

Related News