
नारी डेस्क: अधिक शराब पीने के बाद कई लोग अपना संतुलन और समझदारी खो देते हैं। वे ठीक से चल नहीं पाते, बड़बड़ाने लगते हैं और अपने शरीर का पूरा नियंत्रण खो बैठते हैं। यह केवल उनका व्यवहार नहीं बदलता, बल्कि शरीर और दिमाग पर गहरा असर डालता है। आइए आसान भाषा में समझें कि शराब ब्रेन और पूरे शरीर पर कैसे असर करती है।
शराब ब्रेन के कम्युनिकेशन सिस्टम को कैसे प्रभावित करती है
यूएस के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन अल्कोहल एब्यूज एंड अल्कोहॉलिज्म की रिपोर्ट के अनुसार, अल्कोहल सीधे ब्रेन के कम्युनिकेशन पाथवे में हस्तक्षेप करता है। जब शराब खून के जरिए दिमाग तक पहुँचती है, तो यह न्यूरॉन्स (संदेश भेजने वाली कोशिकाओं) के बीच संवाद को धीमा कर देती है। इस वजह से व्यक्ति स्पष्ट रूप से सोच नहीं पाता। शारीरिक गतिविधियों का तालमेल बिगड़ जाता है। मूड और व्यवहार में अचानक बदलाव आते हैं। यानी शराब पीने के बाद व्यक्ति का दिमाग और शरीर दोनों असंतुलित हो जाते हैं।

पेरिफेरल नर्वस सिस्टम पर शराब का असर
शराब का प्रभाव केवल दिमाग तक सीमित नहीं है। यह पेरिफेरल नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित करती है। लगातार ज्यादा मात्रा में शराब पीने से पेरिफेरल न्यूरोपैथी जैसी स्थिति बन सकती है। इसके लक्षण हैं: हाथ और पैरों में सुन्नता या जलन महसूस होना।नसों का कमजोर होना, जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। अचानक खड़े होने पर ब्लड प्रेशर गिरना। इस वजह से लोग शराब पीने के बाद लड़खड़ाने लगते हैं और अपने परिवेश का सही सेंस खो बैठते हैं।
शराब और हार्मोनल सिस्टम का असर
शराब शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को भी नुकसान पहुँचाती है। यह हार्मोन्स को प्रभावित करती है जो शरीर की स्थिरता और स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके परिणामस्वरूप:
थायराइड के रोग
असामान्य कोलेस्ट्रॉल लेवल
तनाव झेलने की क्षमता में कमी
हो सकती है।
शराब का लंबे समय तक असर
लगातार शराब पीने से
ब्रेन और नसों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।

सोचने-समझने की क्षमता कम हो जाती है।
शरीर का प्राकृतिक विकास धीमा पड़ सकता है, खासकर युवाओं में प्यूबर्टी की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। युवाओं और वयस्कों दोनों के लिए यह चेतावनी है कि शराब केवल थोड़ी खुशी नहीं देती, बल्कि यह स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर दीर्घकालिक असर डालती है। शराब पीने के बाद सेंस खोने और लड़खड़ाने की मुख्य वजह ब्रेन और नसों पर उसका प्रभाव है। इसके अलावा हार्मोन और शरीर के अन्य सिस्टम भी प्रभावित होते हैं। इसलिए, स्वास्थ्य को बचाने के लिए शराब से दूरी रखना और सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना बहुत जरूरी है।