
नारी डेस्क: आज के समय में अच्छा लाइफस्टाइल ना होने की वजह से बीमारियां तेजी से बढ़ रही है। युवाओं में भी कई तरह की समस्याएं हो रही है। ऐसे में एक मिडिल क्लास परिवार के लिए मेडिकल खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है, इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) को जरूरी माना जाता है। आज के समय में युवाओं में एक बड़ी समस्या देखी जा रही हैं। दरअसल, भारत में 24 से 34 साल की उम्र के युवा हेल्थ बीमा तो ले रहे है, लेकिन आधे से ज्यादा लोग पॉलिसी शुरू होने के पहले तीन साल के भीतर ही उसे बंद कर देते हैं। चलिए जानते है कि भारत में युवा ऐसा फैसला क्यों ले रहे है...
पॉलिसी खरीदने के बाद नहीं दिखाते रुचि
एक सर्वे में सामने आया है कि युवा लंबे समय तक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को जारी नहीं रखते। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 55% लोग पॉलिसी खरीदने के तीन साल के भीतर ही उसे रिन्यू नहीं कराते। इससे साफ है कि युवा शुरुआत में इसे खरीदते तो हैं, लेकिन लंबे समय तक बनाए रखने में रुचि नहीं दिखाते। पॉलिसी छोड़ने वालो की यह भारी संख्या बताती है कि बीमा खरीदने का फैसला अक्सर किसी छोटी अवधि की वजह से लिया जाता है, न कि भविष्य के जोखिमों को समझने के बाद।

क्या हैं हेल्थ कवर छोड़ने की वजह?
महंगा होना सबसे बड़ी वजह
सर्वे के अनुसार, 46% लोगों ने पॉलिसी छोड़ने की सबसे बड़ी वजह इसे महंगा होना बताया। जब बजट पर दबाव होता है, तो लोग सबसे पहले इंश्योरेंस जैसे खर्चों में कटौती करते हैं।
पहले से लोन का बोझ
पॉलिसी छोड़ने वाले 66% लोगों पर पहले से कोई न कोई लोन चल रहा था। इनमें से 33% के पास पर्सनल लोन और 17% के पास होम लोन था। ऐसे में लोग अतिरिक्त खर्च से बचना चाहते हैं।
फायदे का एहसास नहीं होना
कई युवा पॉलिसी इसलिए भी बंद कर देते हैं क्योंकि उन्हें इसका कोई खास फायदा महसूस नहीं होता। उन्हें लगता है कि वे बिना बीमा के भी मैनेज कर सकते हैं।

प्रीमियम बढ़ना भी बना कारण
हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम हर साल बदलते हैं और उम्र बढ़ने के साथ महंगे होते जाते हैं। यही वजह है कि कई लोग इसे लंबे समय तक जारी नहीं रख पाते। जबकि लाइफ इंश्योरेंस में ऐसा उतना नहीं होता।
आंकड़े क्या कहते हैं?
वित्त वर्ष 2025 में हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम 9.1% बढ़कर 1.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। लेकिन इसके बावजूद बीमा कवर लेने वालों की संख्या सिर्फ 1.4% बढ़कर 58 करोड़ ही हो पाई।