
नारी डेस्क: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने घर में रखी बोतल को कोल्ड ड्रिंक समझकर उससे घूंट भर लिया, लेकिन उस बोतल में ठंडा पेय नहीं बल्कि तेजाब भरा हुआ था। जैसे ही तेजाब उसके शरीर में गया, उसे तेज जलन महसूस होने लगी। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी और परिवार वाले घबराकर उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। यह हादसा उसकी जिंदगी का सबसे कठिन दौर बन गया।
गले और खाने की नली को पहुंचा गंभीर नुकसान
डॉक्टरों के मुताबिक तेजाब पीने से युवती के गले और खाने की नली के अंदरूनी हिस्से बुरी तरह झुलस गए थे। अंदरूनी ऊतकों में गंभीर जलन और सूजन की वजह से वह सामान्य तरीके से खाना-पीना तक नहीं कर पा रही थी। समय के साथ उसकी परेशानी और बढ़ती चली गई। खाना निगलने में दिक्कत होने लगी और शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाने के कारण उसका वजन तेजी से गिरने लगा। हालत इतनी खराब हो गई कि उसका वजन घटकर सिर्फ 29 किलो रह गया।

लंबे इलाज के लिए अस्पताल में कराया गया भर्ती
युवती को तुरंत कानपुर के एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि तेजाब की वजह से उसकी फूड पाइप यानी भोजन नली काफी सिकुड़ चुकी थी। शुरुआती इलाज के बाद भी उसकी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई। डॉक्टरों ने बताया कि यह मामला बेहद संवेदनशील था और इसमें लंबे समय तक लगातार इलाज की जरूरत थी।
आठ महीने तक चला कठिन इलाज
करीब आठ महीने तक डॉक्टरों की टीम लगातार युवती का इलाज करती रही। इस दौरान कई बार एंडोस्कोपी की गई और विशेष मेडिकल प्रक्रिया के जरिए उसकी सिकुड़ी हुई भोजन नली को धीरे-धीरे चौड़ा किया गया। इलाज आसान नहीं था। हर प्रक्रिया के बाद उसे निगरानी में रखा जाता था ताकि शरीर पर किसी तरह का बुरा असर न पड़े। दवाओं, लिक्विड डाइट और लगातार मेडिकल केयर की मदद से उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा।
अब सामान्य जिंदगी की ओर लौट रही युवती
लंबे संघर्ष के बाद अब युवती की स्थिति पहले से काफी बेहतर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार उसका वजन बढ़कर लगभग 45 किलो हो गया है और अब वह सामान्य भोजन और पानी लेने लगी है। हालांकि रिकवरी की प्रक्रिया अभी भी जारी है, लेकिन डॉक्टर इसे बड़ी सफलता मान रहे हैं। परिवार के लिए भी यह किसी राहत से कम नहीं है, क्योंकि एक समय उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।
डॉक्टरों ने लोगों को दी अहम चेतावनी
इस घटना के बाद डॉक्टरों ने लोगों से खास सावधानी बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले तेजाब, टॉयलेट क्लीनर या अन्य खतरनाक केमिकल्स को कभी भी कोल्ड ड्रिंक या पानी की बोतलों में नहीं रखना चाहिए। अक्सर लोग सुविधा के लिए ऐसे केमिकल्स दूसरी बोतलों में भरकर रख देते हैं, लेकिन यही लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सभी रसायनों को हमेशा उनकी मूल पैकेजिंग में रखें और बच्चों व परिवार के अन्य सदस्यों की पहुंच से दूर सुरक्षित स्थान पर स्टोर करें।

एक हादसा, जो बना बड़ी सीख
कानपुर की यह घटना सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं, बल्कि हर घर के लिए चेतावनी है। थोड़ी सी असावधानी किसी की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल सकती है। इसलिए घर में रखे खतरनाक पदार्थों को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।