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गर्मी में 5 लीटर पानी पीना पड़ा भारी, युवक पहुंचा ICU, डॉक्टरों ने बताया असली कारण

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 02 May, 2026 01:27 PM
गर्मी में 5 लीटर पानी पीना पड़ा भारी, युवक पहुंचा ICU, डॉक्टरों ने बताया असली कारण

नारी डेस्क: हम हमेशा सुनते आए हैं कि गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ज्यादा पानी पीना चाहिए, लेकिन दिल्ली से सामने आए एक चौंकाने वाले मामले ने इस सलाह पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 25 वर्षीय युवक ने गर्मी से बचने के लिए पूरे दिन में करीब 5 लीटर पानी पी लिया, लेकिन इसके बावजूद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और उसे ICU में भर्ती करना पड़ा। यह घटना लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या सिर्फ ज्यादा पानी पीना ही सेहत के लिए पर्याप्त है, या फिर हाइड्रेशन का भी कोई सही तरीका होता है। तो चलिए आपको बताते हैं कि गर्मी में खुद को सेफ तरीके से हाइड्रेट कैसे रखा जाए।

गर्मी में काम करते-करते बिगड़ी तबीयत

रिपोर्ट के मुताबिक, युवक पूरे दिन तेज धूप में बाइक से काम कर रहा था। गर्मी से बचने के लिए वह लगातार पानी पीता रहा और मानता था कि ज्यादा पानी पीना ही शरीर को हाइड्रेट रखने का सही तरीका है। लेकिन इस दौरान उसने कुछ भी ठोस खाना नहीं खाया न फल, न नमक वाले पेय और न ही कोई इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक।

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लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ा भारी

शाम तक उसे चक्कर आने लगे, उल्टी जैसा महसूस होने लगा और कमजोरी बढ़ने लगी। शुरुआत में उसने इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन धीरे-धीरे उसकी हालत और बिगड़ती गई। उसकी बोलने की क्षमता धीमी हो गई और वह कन्फ्यूज भी होने लगा, जिसके बाद परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

डॉक्टरों ने बताई असली वजह सोडियम की भारी कमी

अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि युवक के शरीर में सोडियम का स्तर काफी नीचे चला गया था। सामान्य स्तर 135–145 mEq/L होता है, जबकि उसका स्तर घटकर 124 तक पहुंच गया था। इस स्थिति को हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) कहा जाता है। यह तब होता है जब शरीर से पसीने के जरिए नमक निकल जाता है और उसकी भरपाई सिर्फ पानी से होती रहती है।

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कैसे बिगड़ता है शरीर का संतुलन?

डॉक्टरों के अनुसार, पसीना सिर्फ पानी नहीं होता, बल्कि इसमें सोडियम, पोटेशियम और अन्य जरूरी मिनरल्स भी होते हैं। जब शरीर में पानी तो भरपूर जाता है लेकिन नमक की भरपाई नहीं होती, तो शरीर का इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ जाता है। इससे पानी कोशिकाओं में जमा होने लगता है और दिमाग की कोशिकाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। इस स्थिति की शुरुआत आमतौर पर सिरदर्द, थकान, चक्कर और उल्टी जैसे लक्षणों से होती है। लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है, जिसमें बेहोशी, दौरे और यहां तक कि कोमा तक की नौबत आ सकती है।

हाइड्रेशन का सही तरीका क्या है?

विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ पानी पीना ही पर्याप्त नहीं है। गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, ORS और फलों के जूस जैसे पेय शरीर में जरूरी मिनरल्स की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।

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