
नारी डेस्क: गर्मियों के मौसम में अक्सर हमे सिर दर्द और बॉडी पैन और थकन जैसी छोटी छोटी समस्या देखने को मिलती हैं, ऐसे में ज्यादातर लोग बिना डॉक्टर के सलाह लिए बिना सोचे समझे पैन किलर ले लेते हैं। बता दे कि ये आदत भले ही इंस्टेंट राहत दे देती हैं ,लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक तेज गर्मी में यही दवाई किडनी के लिए खतरा बन सकती हैं , ऐसा क्यों आइए आपको बताते हैं आर्टिकल में की क्यों पैन किलर गर्मी में लेने से बचना चाहिए।
गर्मी में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
गर्मियों में ज्यादा पसीना आने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जब शरीर डिहाइड्रेट होता है, तो खून गाढ़ा होने लगता है और किडनी तक पर्याप्त ब्लड नहीं पहुंच पाता। ऐसे में अगर पेनकिलर ली जाए, तो यह ब्लड फ्लो को और कम कर सकती है। यही स्थिति आगे चलकर Acute Kidney Injury जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।

धीरे-धीरे बढ़ता है खतरा
किडनी पर इसका असर अचानक नहीं दिखता, बल्कि धीरे-धीरे बढ़ता है। शुरुआत में थकान, पेशाब कम होना, पैरों में सूजन जैसे हल्के लक्षण नजर आते हैं। अक्सर लोग इन्हें सामान्य कमजोरी या गर्मी का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह ज्यादा जोखिम भरा हो सकता है। जैसे पहले से किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीज, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग, दिल के मरीज, बुजुर्ग इसके अलावा जो लोग पहले से ब्लड प्रेशर की दवाएं ले रहे हैं, अगर वे साथ में पेनकिलर लेते हैं तो किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

क्या है सही तरीका?
डॉक्टरों का कहना है कि पेनकिलर लेना गलत नहीं है, लेकिन इसे सही तरीके और जरूरत के हिसाब से लेना बेहद जरूरी है। कुछ आसान सावधानियां इस जोखिम को कम कर सकती हैं। शरीर को हमेशा हाइड्रेट रखें। डिहाइड्रेशन की स्थिति में पेनकिलर लेने से बचें। बिना जरूरत बार-बार दवा न लें। डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक सेवन न करें। कुछ मामलों में Paracetamol सेफ मानी जाती है, लेकिन इसका भी सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए।