नारी डेस्क: बिहार के जंगलों और ग्रामीण इलाकों में पाया जाने वाला बड़हर (जिसे बरहर भी कहा जाता है) एक ऐसा मौसमी फल है जिसे लोग अक्सर “प्रकृति का देसी सुपरफूड” कहते हैं। भले ही यह फल सिर्फ कुछ महीनों के लिए मिलता है, लेकिन अपने पोषण और औषधीय गुणों की वजह से यह शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता।
सिर्फ 2–3 महीने का मेहमान, फिर भी बेहद खास
बड़हर का फल आमतौर पर मार्च से जून के बीच मिलता है, लेकिन इसका सबसे अच्छा स्वाद अप्रैल और मई में देखने को मिलता है। इस समय फल पूरी तरह पक जाता है और इसका स्वाद हल्का मीठा-खट्टा हो जाता है। जून के बाद यह धीरे-धीरे कम हो जाता है, इसलिए इसे सीमित समय का “सीजनल गिफ्ट ऑफ नेचर” भी कहा जाता है।

पोषक तत्वों से भरपूर है बड़हर
यह फल विटामिन A, विटामिन C और फाइबर का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे शरीर कई तरह के संक्रमणों से लड़ने में सक्षम बनता है।
त्वचा और बालों के लिए किसी औषधि से कम नहीं
बड़हर को त्वचा और बालों के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन्स त्वचा को प्राकृतिक चमक देते हैं, मुंहासों और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से त्वचा स्वस्थ और मुलायम बनी रहती है। साथ ही यह बालों को मजबूत बनाकर झड़ने की समस्या को भी कम करता है।

गर्मी में शरीर को देता है ठंडक
गर्मी और लू के मौसम में बड़हर का सेवन विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ थकान और कमजोरी को भी कम करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे प्राकृतिक एनर्जी और हाइड्रेशन के स्रोत के रूप में भी देखते हैं। बिहार के कई जिलों में मिलता है यह फल बड़हर मुख्य रूप से बिहार के जंगलों में पाया जाता है। यह पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, रोहतास, गया, नवादा, जमुई और सीतामढ़ी जैसे जिलों में अधिक मात्रा में उपलब्ध होता है। स्थानीय लोग इसे जंगलों से तोड़कर बाजारों में बेचते हैं या घर पर ही इस्तेमाल करते हैं।
सब्जी, अचार और चटनी में भी होता है इस्तेमाल
बड़हर सिर्फ फल के रूप में ही नहीं, बल्कि सब्जी, अचार और चटनी बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है। खासकर बिहार की ग्रामीण महिलाएं इसका अचार बनाकर पूरे साल इस्तेमाल करती हैं। इसका स्वाद और पौष्टिकता इसे रसोई में भी खास जगह दिलाते हैं। बड़हर की कीमत मौसम और उपलब्धता पर निर्भर करती है। सामान्य दिनों में यह लगभग 40 से 80 रुपये प्रति किलो तक मिल जाता है। वहीं जब इसकी उपलब्धता कम होती है, तो इसकी कीमत 100 रुपये प्रति किलो तक भी पहुंच जाती