नारी डेस्क: तमिलनाडु में लोगों को ऊंचा उठाने का एक ऐसा अनोखा तरीका है जिसकी पूरे भारत में कहीं और कोई मिसाल नहीं मिलती। कोई महाराष्ट्र का बस कंडक्टर हो सकता है, कर्नाटक की कोई उभरती हुई अभिनेत्री, या झारखंड का कोई क्रिकेटर लेकिन एक बार जब यहां की जनता उन्हें अपना लेती है, तो वे लगभग ईश्वर-तुल्य बन जाते हैं। तमिल सुपरस्टार विजय को ही देख लीजिए, जिन्होंने फिल्में छोड़कर पॉलिटिक्स में एंट्री ली और आज जीत उनके कदम छू रही है।

ये है विजय का असली नाम
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों में सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली बात है विजय की पार्टी TVK का प्रदर्शन, अगर ये रुझान ऐसे ही बने रहे, तो वे तमिलनाडु की राजनीति के नए 'थलापति' बन सकते हैं। जो लोग विजय के बारे में नहीं जानते, उनके लिए बता दें कि उनका पूरा नाम जोसेफ़ विजय चंद्रशेखर है। उनका जन्म 1974 में चेन्नई में हुआ था। उनके पिता फ़िल्ममेकर S A चंद्रशेखर और मां गायिका शोभा चंद्रशेखर हैं। उन्होंने एक बाल कलाकार के तौर पर शुरुआत की, 1990 के दशक की शुरुआत में अचानक मुख्य भूमिकाएं निभाने लगे, शुरुआती दिनों में मिली उपेक्षा और आलोचना को सहा, और धीरे-धीरे 'कमांडर' बन गए।
विजय की सादगी ने जीता दिल
युवा विजय ने उन्होंने तमिल सिनेमा में रजनीकांत की तरह एंट्री नहीं मारी जिनकी सिगरेट फेंकने की अदा भी न्यूटन के भौतिकी के नियमों को चुनौती देती लगती थी और न ही कमल हासन की तरह, जो फ़िल्म के हर फ़्रेम को किसी शोध-पत्र (doctoral thesis) जैसा बनाने पर तुले रहते थे। विजय की शुरुआती अपील काफ़ी साधारण थी। वे ऐसे लगते थे जैसे वे आपकी अगली क्लास में पढ़ने वाले, अगले बस स्टॉप पर मिलने वाले, या किसी शादी के वीडियो में दिखने वाले कोई आम इंसान हों जो रिश्तेदारों के डांस फ़्लोर पर आने से पहले, थोड़ी झिझक के साथ नाच रहा हो। उनकी यही सादगी, यही आमपन मायने रखता था। वे एक ऐसे युवा थे जो पूरी शिद्दत से प्यार कर सकते थे, पूरी ईमानदारी से तकलीफ़ें सह सकते थे, और घायल होने पर भी अपने दर्द को बिना किसी बनावटीपन के, बिल्कुल स्वाभाविक ढंग से दिखा सकते थे। अपने शुरुआती दौर की रोमांटिक और पारिवारिक फ़िल्मों में, उनका मुख्य काम था नायिका, उसके परिवार और दर्शकों का दिल जीतना; और वह भी लगभग इसी क्रम में।

महिलाओं का जीता भरोसा
2 फरवरी 2024 को जब विजय ने अपनी पार्टी की शुरुआत की, तब आलोचकों ने इसे ‘फैन क्लब एक्सपेरिमेंट’ कहकर नजरअंदाज किया था। पी विजय अपने लक्षय पर डटे रहे , TVK का घोषणापत्र महिला वोट बैंक को टारगेट करने वाला सबसे आक्रामक एजेंडा था। उसके प्रमुख वायदों में था हर महीने 2500 रुपये महिलाओं को आर्थिक मदद, मुफ्त LPG सिलेंडर और 200 यूनिट बिजली, शादी में सोना और सिल्क साड़ी, महिलाओं के लिए अलग विभाग और सुरक्षा तंत्र। यही कारण है कि महिलाओं ने आंख बंद कर उन पर भरोसा किया जिकसा नतीजा आज सामने आया। एक्टर विजय की इमेज साफ, ईमानदार थी और यह उन्हें बड़ी जीत की तरफ ले गया।