नारी डेस्क: बॉलीवुड अभिनेता Akshay Kumar को लेकर खबर सामने आई है कि उन्होंने आंखों की रोशनी सुधारने के लिए विजन करेक्शन सर्जरी करवाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 58 वर्षीय अभिनेता ने 6 मई की सुबह यह माइनर सर्जरी करवाई। बताया जा रहा है कि सर्जरी के बाद वह कुछ समय तक काम से ब्रेक लेकर रिकवरी पर ध्यान देंगे। आजकल आंखों का नंबर हटाने और चश्मे या कॉन्टेक्ट लेंस से छुटकारा पाने के लिए इस तरह की सर्जरी काफी आम हो चुकी है। इसी विषय को लेकर नेत्र रोग विशेषज्ञ ने विस्तार से जानकारी दी है।
क्या होती है विजन करेक्शन सर्जरी?
विजन करेक्शन सर्जरी को मेडिकल भाषा में “रिफ्रेक्टिव सर्जरी” कहा जाता है। इसका उद्देश्य आंखों की रोशनी सुधारना और चश्मे या कॉन्टेक्ट लेंस पर निर्भरता कम करना होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें कई तरह की तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें LASIK, SMILE, PRK और लेंस-बेस्ड करेक्टिव प्रोसीजर शामिल हैं। डॉक्टर मरीज की उम्र, आंखों का नंबर, कॉर्निया की मोटाई और स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखकर तय करते हैं कि कौन-सी तकनीक सबसे सुरक्षित और प्रभावी रहेगी।

किन समस्याओं में फायदेमंद होती है यह सर्जरी?
यह सर्जरी आंखों से जुड़ी कई सामान्य समस्याओं को ठीक करने में मदद करती है। इनमें शामिल हैं मायोपिया, यानी पास की चीजें साफ दिखना लेकिन दूर की चीजों में दिक्कत होना। हाइपरोपिया, यानी दूर की चीजें ठीक दिखना लेकिन पास देखने में परेशानी होना। एस्टिग्मेटिज्म, जिसमें कॉर्निया या लेंस का आकार असमान हो जाता है। उम्र बढ़ने के साथ होने वाली प्रेसबायोपिया जैसी समस्या। इन दिक्कतों की वजह से लोगों को लंबे समय तक चश्मा या कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसे में विजन करेक्शन सर्जरी एक अच्छा विकल्प मानी जाती है।
सर्जरी में कितना समय लगता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रक्रिया काफी कम समय में पूरी हो जाती है। अधिकतर मामलों में मरीज उसी दिन अस्पताल से घर लौट सकता है। सर्जरी के बाद शुरुआती 24 से 48 घंटों में लोगों को आंखों की रोशनी में सुधार महसूस होने लगता है। हालांकि पूरी तरह रिकवरी होने में कुछ हफ्तों का समय लग सकता है।
रिकवरी के दौरान किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
डॉक्टरों के मुताबिक, सर्जरी के बाद आंखों की खास देखभाल जरूरी होती है। रिकवरी के दौरान कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए, जैसे आंखों को रगड़ने से बचें। कुछ समय तक स्विमिंग न करें। धूल और मिट्टी से आंखों को बचाकर रखें। लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन इस्तेमाल करने से बचें। इसके अलावा डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों और आई ड्रॉप्स का सही तरीके से इस्तेमाल करना भी जरूरी होता है।

भारत में कितनी होती है विजन करेक्शन सर्जरी की कीमत?
भारत में इस सर्जरी की लागत इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक और अस्पताल की सुविधाओं पर निर्भर करती है। दोनों आंखों की स्टैंडर्ड लेजर विजन करेक्शन सर्जरी की कीमत लगभग 40 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक हो सकती है। वहीं, अगर एडवांस लेंस-बेस्ड तकनीक का इस्तेमाल किया जाए तो इसकी लागत और बढ़ सकती है।
सर्जरी से पहले जांच क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रकार की आई सर्जरी से पहले आंखों की पूरी जांच करवाना बेहद जरूरी होता है। इससे डॉक्टर यह तय कर पाते हैं कि मरीज के लिए कौन-सी तकनीक सबसे सुरक्षित और असरदार रहेगी।