16 MARMONDAY2026 6:38:31 PM
Nari

स्लीप डिवोर्स क्या है? क्यों अलग-अलग सोने लगे हैं भारतीय पति-पत्नी

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 16 Mar, 2026 04:59 PM
स्लीप डिवोर्स क्या है? क्यों अलग-अलग सोने लगे हैं भारतीय पति-पत्नी

नारी डेस्क: आजकल पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा आम बात हो गई है। कभी-कभी ये झगड़े इतने बढ़ जाते हैं कि तलाक तक का रास्ता खुल जाता है। लेकिन हाल ही में एक नया ट्रेंड सामने आया है जिसे “स्लीप डिवोर्स” कहा जाता है। नाम सुनने में थोड़ा डरावना लग सकता है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह रिश्ते को तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है।

स्लीप डिवोर्स क्या है?

स्लीप डिवोर्स का मतलब है पति-पत्नी का जानबूझकर अलग बेड या अलग कमरे में सोने का फैसला लेना। इसका उद्देश्य यह है कि दोनों पार्टनर अपनी नींद पूरी कर सकें और सुबह चिड़चिड़े न उठें। यह कोई अलगाव या तलाक नहीं है, बल्कि एक स्मार्ट तरीका है ताकि रिश्ते पर नकारात्मक असर न पड़े।

भारत में 78% कपल्स बगैर तलाक लिए रह रहे हैं अलग, अच्छी नींद के लिए छोड़ देते हैं पार्टनर को

आंकड़े क्या कहते हैं?

अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन (AASM) के सर्वे के अनुसार लगभग 31% अमेरिकी वयस्क अब स्लीप डिवोर्स अपना रहे हैं। इसका मतलब है कि कपल्स एक ही कमरे में अलग-बेड पर सोते हैं या अलग कमरे में सोते हैं। सबसे ज्यादा इसे 35-44 साल की उम्र के लोग अपना रहे हैं (39%), जबकि 65 साल से अधिक उम्र के लोग इसमें सबसे पीछे हैं (18%)।

स्लीप डिवोर्स क्यों जरूरी माना जा रहा है?

एक्सपर्ट सीमा खोसला का कहना है कि नींद पूरी न होने से हमारा व्यवहार प्रभावित होता है। नींद की कमी से हम कम सहनशील हो जाते हैं और छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है।

ये भी पढ़ें:  रश्मिका-विजय का संगीत लुक वायरल: फेयरीटेल प्रिंस-प्रिंसेस जैसा रॉयल अंदाज

स्लीप डिवोर्स अपनाने के पीछे आम वजहें हैं

खर्राटे – पार्टनर के खर्राटे किसी की नींद खराब कर सकते हैं।

स्लीप एपनिया – सोते समय सांस लेने में रुकावट या पैर हिलाने की आदत।

बार-बार करवट बदलना – ज्यादा हलचल करने वाले पार्टनर से नींद प्रभावित होती है।

PunjabKesari

स्लीप डिवोर्स के साथ रोमांस कैसे बचाएं?

रात का रूटीन बनाएं – सोने से पहले साथ बैठकर दिन भर की बातें करें या कोई टीवी शो देखें।

क्वालिटी टाइम दें – दिनभर या सोने से पहले एक-दूसरे के लिए समय निकालें।

तालमेल बैठाएं – अगर संभव हो तो स्लीपिंग पैटर्न को थोड़ा एडजस्ट करें ताकि दोनों पार्टनर की नींद पूरी हो और प्यार भी बना रहे।

स्लीप डिवोर्स सिर्फ अलग सोने का नाम नहीं है, बल्कि यह रिश्तों को मजबूत बनाने और तनाव कम करने का स्मार्ट तरीका है। सही तरीके से अपनाने पर यह कपल्स को बेहतर नींद और खुशहाल रिश्ते दोनों दे सकता है।  

Related News