
नारी डेस्क: आपकी प्लेट ही आपकी सेहत तय करती है । पर जाने-आनजाने में आप ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिसका पछतावा बाद में होता है। अब केले को ही देख लीजिए भले ही सेहत के लिए अच्छा है इसमें कई ज़रूरी पोषक तत्व होते हैं पर इसे लेकर की गई गलती आपको भारी नुकसान पहुंचा सकती है। डॉक्टर ने केले से जुड़ी दो गलतियों के बारे में बताया है जो शरीर को नुकसान दे सकती है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
केले को कच्चा या बहुत ज़्यादा पका हुआ खाना
डॉक्टर की ओर से सलाह दी गई है कि केला खाते समय आप इस बात का ध्यान रखें कि यह कितना पका हुआ है। एक आम गलती यह है कि लोग केले खाते समय उसके पकने के स्तर पर ध्यान नहीं देते। बहुत ज़्यादा पके हुए या कच्चे केले पेट से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। कच्चे फलों में 'रेसिस्टेंट स्टार्च' की मात्रा ज़्यादा होती है। रेसिस्टेंट स्टार्च एक 'प्रीबायोटिक' होता है, लेकिन अक्सर संवेदनशील लोगों को इससे पेट फूलने और गैस की समस्या हो जाती है, क्योंकि उनके पेट को इसे पचाने में दिक्कत होती है। वहीं काले हो चुके केलों को भी खाने से बचना चाहिए। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने इसकी वजह बताते हुए कहा- "बहुत ज़्यादा पके हुए केलों में 'सिंपल शुगर' की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है, जिससे आपका ब्लड शुगर लेवल तेज़ी से बढ़ता है और फिर अचानक से नीचे गिर जाता है।" केले तब खाने चाहिए जब उनका छिलका चमकीला पीला हो और उस पर बस कुछ ही भूरे रंग के धब्बे हों।
खाली पेट खाना
आपको लग सकता है कि सुबह सबसे पहले केला खाने से आपके दिन की शुरुआत हेल्दी होती है, लेकिन यह हमेशा सच नहीं हो सकता। असल में केले में मौजूद न्यूट्रिएंट्स, पोटैशियम और मैग्नीशियम, अगर आप केले को खाली पेट खाते हैं तो उन्हें बेअसर कर सकते हैं। डॉक्टर ने समझाया कि जब कोई व्यक्ति केले में पाए जाने वाले मैग्नीशियम और पोटैशियम को बिना किसी दूसरे न्यूट्रिएंट्स के खाली पेट खाता है, तो कभी-कभी ब्लडस्ट्रीम में टेम्पररी मिनरल इम्बैलेंस हो जाता है। इससे आपको सुस्ती महसूस हो सकती है, और आपका पेट भी खराब हो सकता है।
केले को खाने का सही तरीका
डॉक्टर ने सलाह दी कि केले को अकेले खाने के बजाय अन्य खाद्य पदार्थों के साथ मिलाकर खाने से बेहतर परिणाम मिलते हैं, क्योंकि पोषक तत्वों के मिश्रण के साथ खाने पर पाचन क्रिया बेहतर होती है। एक चम्मच नट बटर मिलाने या केले को ग्रीक योगर्ट में मिलाकर खाने से चीनी का अवशोषण धीमा हो जाता है।" उन्होंने ऊर्जा स्तर को स्थिर रखने और पाचन तंत्र द्वारा केले के सुचारू पाचन को सुनिश्चित करने में इस संयोजन के महत्व पर जोर दिया। ग्रीक योगर्ट के साथ केले खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव की संभावना समाप्त हो जाती है।