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Breast Cancer Awareness Month: अंडरआर्म की गांठ भी कैंसर का संकेत, टीनएजर्स के ज्यादा खतरा

  • Edited By neetu,
  • Updated: 05 Oct, 2021 03:13 PM
Breast Cancer Awareness Month: अंडरआर्म की गांठ भी कैंसर का संकेत, टीनएजर्स के ज्यादा खतरा

कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी देशभर में तेजी से बढ़ रही है। वहीं इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 1 से 31 अक्तूबर तक Breast Cancer Awareness Month मनाया जाता है। इस दौरान महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के मेट्रो शहरों में रहने वाली महिलाएं तेजी से ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो रही है। पहले 50 साल से ऊपर की महिलाओं को यह बीमारी होने का खतरा रहता था। मगर अब गलत लाइफ स्टाइल व खानपान के कारण 30 से कम उम्र की लड़कियां भी इसकी चपेट में आ रही है। ऐसे में समय रहते इसके लक्षणों को पहचान कर इसे काबू किया जा सकता है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

गांवों के मुताबिक शहरों में अधिक केस

एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में करीब 712,758 महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की शिकार हुई थी। हर 29 महिलाओं में से एक महिला इस गंभीर बीमारी से पीड़ित है। बात गांव व शहरों में रहने वाली महिलाओं की तुलना करें तो 60 में से एक ग्रामीण महिला इस बीमारी का शिकार होती है। दूसरी ओर शहरी इलाकों में 22 में से एक महिला ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, 2016 में 14.5 लाख कैंसर के मामले आए थे जो कि 2021 में बढ़ कर 17.3 लाख से भी ज्यादा हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ कैंसर के मरीजों में लगभग 57 प्रतिशत केस ब्रेस्ट कैंसर के थे जो बेहद ही चिंताजनक स्थिति है।

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सिर्फ ब्रेस्‍ट ही नहीं अंडरआर्म पर गांठ होना भी कैंसर का एक लक्षण

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्रेस्ट में गाठ या मस्सा होने पर इसका आकार बदल जाता है। इसपर सूजन होना व दबाव डालने पर दर्द होना, स्किन का कलर लाल पड़ जाना, निपल का सिकुड़ना या खून आने की समस्या ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण माने जाते हैं। मगर ठीक इसी तरह अंडरआर्म या बगल में गांठ पड़ने व ये लक्षण दिखना भी ब्रेस्ट कैंसर की ओर इशारा करता है। ऐसे में महिलाओं को बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। ताकि समय रहते इलाज हो पाएं।

ब्रेस्‍ट कैंसर बढ़ने के कारण

- एक्सपर्ट के अनुसार, शहर की महिलाएं तेजी से ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में आ रही है। खासतौर पर जहां पर तेजी से औद्योगीकरण हो रहा है और आधुनिक सुख-सुविधाएं बढ़ने के साथ वहां का वातावरण खराब हो रहा हो।

- तनावपूर्ण जिंदगी

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- भागदौड़भरी जिंदगी के कारण डेली डाइट का ध्यान ना रखना। साथ ही खाने में पोषक तत्वों की कमी होना

- शारीरिक कसरत की कमी

- प्रदूषित भोजन खाना

- महिलाओं का देरी से शादी करना व बच्चा होने में भी देरी होना

-  हार्मोनल असंतुलन

कैंसर को हराने के लिए डेली लाइफ स्टाइल में अपनाएं ये टिप्स

कैंसर का समय रहते पता चलने पर इसका इलाज कुछ हद तक संभव है। मगर फिर भी महिलाओं को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। ताकि इस बीमारी की चपेट में आने से बचा जा सके। चलिए जानते हैं इसके बारे में...

- डेली डाइट में ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, जूस, सूप आदि शामिल करें।

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- रोजाना एक्सरसाइज करें या पैदल चलें। हफ्ते में 3 घंटे दौड़ लगाने या 13 घंटे पैदल चलने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा करीब 23 प्रतिशत तक कम हो सकता है।

- गुटका, तंबाकू या धूम्रपान, शराब आदि नशीली चीजें कैंसर के खतरे को बढ़ाने का काम करती है। ऐसे में इससे दूरी बनाकर रखें।

- मोटापा भी बीमारियों की चपेट में आने का एक मुख्य कारण माना जाता है। इसलिए वजन कंट्रोल रखें।

- डिलीवरी के बाद बच्चे को स्तनपान करवाने से  ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है। साथ ही वजन कंट्रोल रहने में मदद मिलती है।

- 30 की होने के बाद किसी भी तरह का कोई संशय होने पर बिना देरी किए स्तनों की जांच करवाएं।

 

 

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