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रीढ़ की हड्डी में लगातार दर्द इसे हल्के में न लें, हो सकती है गंभीर बीमारी

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 20 Jan, 2026 03:26 PM
रीढ़ की हड्डी में लगातार दर्द इसे हल्के में न लें, हो सकती है गंभीर बीमारी

 नारी डेस्क: आजकल बहुत से लोग रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) में दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं। अक्सर लोग इसे गलत तरीके से बैठने, ज्यादा काम करने या उम्र बढ़ने का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह दर्द लगातार बना रहता है या बार-बार होता है, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। अगर रीढ़ के दर्द के साथ चलने-फिरने में दिक्कत, कमर में अकड़न, हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो रही है, तो यह सामान्य दर्द नहीं है। ऐसे में समय रहते जांच और इलाज कराना बहुत जरूरी हो जाता है।

रीढ़ की हड्डी में दर्द किन बीमारियों का संकेत हो सकता है? डॉक्टरों के अनुसार रीढ़ की हड्डी में दर्द कई कारणों से हो सकता है। इनमें कुछ प्रमुख बीमारियां इस प्रकार हैं

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स्लिप डिस्क

यह रीढ़ की सबसे आम समस्या मानी जाती है। स्लिप डिस्क होने पर रीढ़ की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे तेज दर्द होता है। यह दर्द कमर से होकर हाथों या पैरों तक भी फैल सकता है।

सर्वाइकल और लम्बर स्पोंडिलोसिस

इस समस्या में गर्दन (सर्वाइकल) और पीठ के निचले हिस्से (लम्बर) में लगातार दर्द बना रहता है। लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठने से यह समस्या बढ़ सकती है। ऑस्टियोपोरोसिस इस बीमारी में हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं। हड्डियों की मजबूती कम होने से रीढ़ की हड्डी में दर्द होने लगता है।

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चोट या नसों से जुड़ी समस्याएं

कभी-कभी किसी पुरानी चोट, सूजन या नसों की समस्या के कारण भी रीढ़ में तेज दर्द हो सकता है।

स्लिप डिस्क क्यों बन जाती है गंभीर समस्या?

स्लिप डिस्क की समस्या आमतौर पर 30 से 50 साल की उम्र के लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है। उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ की डिस्क का लचीलापन कम हो जाता है।

इसके अलावा ये कारण भी स्लिप डिस्क की वजह बन सकते हैं

गलत तरीके से बैठना या झुकना

भारी वजन उठाना

मोटापा

अचानक गिरना या चोट लगना

अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो नसों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे सुन्नपन, कमजोरी और गंभीर मामलों में पैरालिसिस तक की स्थिति बन सकती है।

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इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

अगर रीढ़ की हड्डी में दर्द के साथ ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन मांसपेशियों में कमजोरी, झुकने या उठने में परेशानी, लंबे समय तक बैठने में दर्द। चलने में संतुलन बिगड़ना।  खुद से दवाइयाँ लेने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बहुत जरूरी है।

रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ कैसे रखें?

रीढ़ को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें हमेशा सही पोस्चर में बैठें और खड़े हों। ज्यादा देर तक एक ही जगह न बैठें, बीच-बीच में स्ट्रेचिंग करें। हल्की एक्सरसाइज, योग और रोजाना वॉक करें। भारी वजन उठाने से बचें। अपना वजन नियंत्रण में रखें। सोने के लिए सही और आरामदायक गद्दे का इस्तेमाल करें।

रीढ़ की हड्डी में लगातार दर्द होना सामान्य बात नहीं है। यह शरीर की तरफ से एक चेतावनी हो सकती है। समय पर जांच और सही इलाज से बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।  

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