
नारी डेस्क : अभी देश में निपाह वायरस और मंकी फीवर का खतरा थमा भी नहीं था कि आगरा में खसरे (Measles) का प्रकोप शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, कई क्षेत्रों में खसरे के नए मरीज सामने आए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेष टीकाकरण टीम का गठन किया गया, जिसने अब तक लगभग 11 हजार बच्चों का टीकाकरण किया है। सीएमओ के आदेश पर प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने खसरे से बचाव और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0562-2600412 भी जारी किया है। हेल्पलाइन पर सूचना देने पर टीम घर जाकर बच्चे की जांच करेगी और पुष्टि होने पर टीके के साथ विटामिन ए की खुराक भी दी जाएगी।
खसरा (Measles) क्या है?
खसरा एक बेहद संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र के जरिए फैलती है। छींकने, खांसने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह आसानी से फैलती है। यह बीमारी ज्यादातर बच्चों को प्रभावित करती है, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी वाले वयस्क भी इसका शिकार हो सकते हैं।
खसरे के लक्षण (Symptoms of Measles)
बहुत तेज बुखार
शरीर पर लाल रंग के चकत्ते
आंख और नाक से लगातार पानी आना
गले में खराश और खांसी।

खसरे के कारण (Causes of Measles)
खसरा मुख्य रूप से पैरामिक्सो वायरस के कारण होता है।
यह वायरस हवा के माध्यम से फैलता है।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमण फैलता है।
सतह के संपर्क के बाद यह वायरस लगभग 2 घंटे तक जीवित रहता है।
खसरे से बचाव के उपाय (Prevention of Measles)
बच्चों को MMR (Measles, Mumps, Rubella) का टीका जरूर लगवाएं।
संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं।
विटामिन ए की पूरी खुराक लें।
स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
संतुलित और पौष्टिक आहार को अपनी डाइट में शामिल करें।

आगरा में खसरे का प्रकोप गंभीर है, लेकिन समय पर टीकाकरण, हेल्पलाइन और सावधानियों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। माता-पिता को अपने बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।