
नारी डेस्क: आजकल कई कपल्स बच्चे की प्लानिंग के दौरान तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं डाइट बदलना, सही समय पर प्रयास करना, ओव्यूलेशन को ट्रैक करना और कई ऑनलाइन या ऑफलाइन सुझावों को फॉलो करना। लेकिन कई बार इसके बावजूद भी सफलता नहीं मिलती और कपल्स निराश हो जाते हैं। हाल ही में फर्टिलिटी एक्सपर्ट के पास ऐसा ही एक केस आया। 32 साल का एक कपल उनसे कंसल्टेशन के लिए पहुंचा। कपल ने बताया कि वे पिछले दो साल से प्रेग्नेंसी के लिए कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब तक उन्हें सफलता नहीं मिली।
महिला के पीरियड्स थे अनियमित
जांच के दौरान पता चला कि महिला के पीरियड्स नियमित नहीं थे। कपल प्रेग्नेंसी के लिए आमतौर पर उसी समय प्रयास करता था, जब ओव्यूलेशन टेस्ट पॉजिटिव आता था। लेकिन इसके बावजूद उनका प्रेग्नेंसी टेस्ट कभी पॉजिटिव नहीं आया।
सभी उपाय आजमाए गए, फिर भी सफलता नहीं मिली
कपल ने प्रेग्नेंसी के लिए लगभग सभी सुझाव आज़मा लिए थे ओव्यूलेशन ट्रैकिंग ऐप्स, LH किट, डाइट बदलाव, सप्लीमेंट्स और अन्य तरीके। इसके बावजूद उन्हें कोई खास फायदा नहीं हुआ। परिवार वाले केवल कहते थे, “कोशिश करते रहो, नैचुरली हो जाएगा।”
पति-पत्नी की रिपोर्ट्स थी सामान्य
गाइनेकोलॉजिस्ट के अनुसार महिला की बाकी सभी रिपोर्ट्स सामान्य थीं, और पति की सीमेन एनालिसिस रिपोर्ट भी ठीक आई। फिर डॉक्टर ने महिला का अल्ट्रासाउंड और पीरियड्स का साइकल पैटर्न गहराई से देखा।
समस्या थी एनोव्यूलेशन (अंडा समय पर रिलीज नहीं होना)
जांच में साफ हुआ कि महिला को एनोव्यूलेशन की समस्या थी। इसका मतलब है कि अंडा समय पर रिलीज नहीं हो रहा था। खासकर PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) में, LH किट गलत पॉजिटिव रिजल्ट दिखा सकती है। अर्थात, ओव्यूलेशन न होने के बावजूद LH में ‘सर्ज’ दिखाई देता है। इसके कारण कपल गलत दिनों में प्रेग्नेंसी के लिए कोशिश करता रहता है और उम्मीद टूट जाती है।
कितनी आम है यह समस्या
डॉ. बताती हैं कि इनफर्टिलिटी के करीब 20-25% मामले ओव्यूलेशन से जुड़ी समस्याओं की वजह से होते हैं। वहीं PCOS के मामलों में लगभग 70% LH सर्ज वास्तव में ओव्यूलेशन नहीं होते। इसलिए कपल्स को यह समझना और ध्यान में रखना बहुत जरूरी है कि सिर्फ LH किट पॉजिटिव होना प्रेग्नेंसी का सही समय नहीं बताता। सही डायग्नोसिस और डॉक्टर की सलाह से ही सफलता मिल सकती है। अगर लंबे समय तक प्रेग्नेंसी नहीं हो रही है, तो खुद से LH किट या ऑनलाइन टिप्स पर भरोसा करने के बजाय फर्टिलिटी एक्सपर्ट या गाइनेकोलॉजिस्ट से कंसल्टेशन करना सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका है।