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Women Health: क्यों बनते हैं ओवेरियन सिस्ट? जानिए, संकेत से लेकर बचाव की पूरी जानकारी

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 16 Apr, 2019 01:32 PM
Women Health: क्यों बनते हैं ओवेरियन सिस्ट? जानिए, संकेत से लेकर बचाव की पूरी जानकारी

ओवेरियन सिस्ट, महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है। ये सिस्ट हर महीने के मासिक चक्र के दौरान हो सकते हैं जिनके बारे में ज्यादातर महिलाओं को पता नहीं चलता। जिन लड़कियों के पीरियड्स शुरू ही हुए होते हैं उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। हालांकि इसमें किसी तरह का दर्द या हानि नहीं होती है लेकिन अगर यह सिस्ट ठीक होने की बजाए और भी बड़े हो जाए तो महिलाओं के लिए परेशानी हो सकती है। बीमारी हाथ से बाहर जाने पर यह रसौली और फिर कैंसर का रुप भी ले सकती हैं। ऐसे में महिलाओं को इसके बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है।

 

क्या है ओवरियन सिस्ट?

ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst) एक तरल पदार्थ से भरी हुई थैली है, जो महिलाओं के एक या दोनों अण्डाशयों (Ovaries) में बन सकता है। अच्छी बात तो यह है कि ये सिस्ट बिना इलाज के ठीक भी हो जाते हैं लेकिन कई बार यह ठीक होने की बजाए और भी बड़े हो जाते हैंऔर अगर यह लगातार बढ़ते जाए तो एक समय बाद कैंसर का रूप भी ले सकते हैं। 

कैसे बनते हैं ये  सिस्ट?

ओवेरियन सिस्ट दो तरह के होते है- कार्यात्मक ओवेरियन सिस्ट जो मासिक धर्म के कारण बनते है। दरअसल, अण्डाशय के अंदर तरल पदार्थ का एक कूप बनता है जो अंडे की रक्षा करता है। जब अंडे के निकलने का समय आ जाता है, तब यह कूप फट जाता है और अंडा निकल आता है। मगर कभी-कभार कोई कूप फट नहीं पाता और अंडे को अंदर रख कर ही बढ़ाने लगता है, जिसे सिस्ट कहा जाता है। वहीं दूसरे होते हैं असाधारण कोशिकाओं (Abnormal Cells) के बढ़ने से बनने वाले सिस्ट, जो कम महिलाओं में पाए जाते है। इस तरह के सिस्ट उन कोशिकाओं से बनते है, जो गर्भ के बाहरी परत पर पाए जाते है। ऐसे बनने वाले सिस्ट्स आकार में बड़े हो जाते है और इनके फटने का भी ज्यादा खतरा होता है। इतना ही नहीं, इस तरह के ओवेरियन सिस्ट्स कैंसरयुक्त भी हो सकते है इसलिए इनको तुरंत हटाना बहुत जरूरी होता है।

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गर्भधारण करने वाली महिलाओं को अधिक खतरा

ओवेरियन सिस्ट फर्टिलिटी पर असर नहीं करता लेकिन इसके कारण गर्भधारण करने वाली महिलाओं को मुश्किल आती है। वहीं कुछ महिलाओं में गर्भावस्था के समय भी सिस्ट पाए जाते है। मगर अधिकतर समय वो दूसरे ट्रिमस्टर (Second Trimester) में ही ठीक हो जाते है। हलांकि कुछ सिस्ट्स जो गर्भावस्था के समय तेज़ी से बढ़ते है उन्हें ठीक करने के लिए सर्जरी की जरुरत पड़ सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान अगर ओवेरियन सिस्ट पाया जाए तो घबराए नहीं बल्कि डॉक्टर से सलाह लें।

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ओवेरियन सिस्ट के लक्षण
असामान्य ब्लीडिंग होना

पीरियड्स के अलावा असामान्य स्पॉटिंग होना ओवरियन सिस्ट बनने का संकेत हो सकता है। हालांकि कभी-कभार यह अन्य कारणों से भी हो सकता है लेकिन बेहतर होगा कि आप एक बार डॉक्टर से चेकअप करवा लें।

उल्टी होना

प्रेग्नेंसी में अल्टी व मतली होना आम बात है लेकिन प्रेग्नेंट ना होने के बावजूद भी ऐसा हो तो नजरअंदाज ना करें। यह ओवेरियन सिस्ट का संकेत हो सकते हैं।

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हमेशा पेट भरा हुआ महसूस होना

दरअसल, सिस्ट पेट के अंदर कुछ जगह लेता है, जिसके कारण हर वक्त ऐसा महसूस होता है पेट भरा हुआ है। इतना ही नहीं, ओवरी में सिस्ट होने के कारण आपको भूख भी कम लगती है। ऐसे में अचानक भूख ना लगने पर डॉक्टर से चेकअप जरूर करवाएं।

पैर और पीठ में दर्द होना

बिना किसी कारण पैर और पीठ दर्द का दर्द हो तो आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। वहीं अगर दर्द निरंतर लगा बना रहे तो इसे गंभीरता से लें।

पेशाब का रंग बदलना

बार-बार पेशाब आना, प्राइवेट पार्ट में जलन या पीले रंग का यूरिन आना भी ओवरी में सिस्ट बनने का संकेत होता है। हालांकि यह किसी और बीमारी का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में आपको जल्द से जल्द यूरिन टेस्ट करवाना चाहिए।

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याद रखें ये बातें

ओवरी सिस्ट के बारे में तब पता चलता है जब वह काफी आगे बढ़ चुका होता है लेकिन अगर महिलाएं समय-समय पर चेकअप करवाती रहें तो समय रहते इस समस्या का इलाज किया जा सकता है ताकि बीमारी को समय रहते ही पकड़ ही लिया जाए। महिलाओं को यूट्रस स्कैन और अन्य रैगुलर चेकअप करवाना चाहिए। 

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