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प्रेगनेंसी में क्यों होती है वैरिकोज वेन्स की समस्या, कैसे करें इलाज?

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 26 Oct, 2020 02:11 PM
प्रेगनेंसी में क्यों होती है वैरिकोज वेन्स की समस्या, कैसे करें इलाज?

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को मार्निंग सिकनेस, कब्ज, शरीर में दर्द, मूड़ स्विंग, तनाव जैसीबहुत-सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही एक समस्या है वेरिकोज वेन्स। गर्भावस्था के दौरान बहुत-सी महिलाओं को वेरिकोज वेन्स (Varicose Veins) की परेशानी भी हो जाती है जो भले ही गंभीर ना हो लेकिन इसके कारण असहनीय दर्द होता है। इसके कारण पैरों की नसों में सूजन आ जाती है और चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है।

प्रेगनेंसी में क्यों होती है यह समस्या?

इस दौरान गर्भ में पल रहे शिशु के साथ-साथ महिला का पेट यानी बेबी बंप भी बढ़ने लगता है। वजन बढ़ने के कारण कारण महिलाओं को इसकी आशंका रहती है, खासकर दूसरी तिमाही 3 से 6 महीने तक। प्रेग्नेंट महिलाओं को यह समस्या पैर, वैजाइनल ओपनिंग या वुल्वा, कूल्हों और मलाशय (रेक्टम) में हो सकती है।

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प्रेगनेंसी में वैरिकोज वेन्स होने का कारण है

1. इस दौरान नसों में किसी भी तरह का प्रेशर पड़ने के कारण खून का संचार अवरुद्ध हो जाता है, जिसकी वजह से यह समस्या होती है।
2. अगर फैमिली में पहले को प्रेगनेंसी के दौरान यह समस्या हो तो आगे की जेनरेशन में भी इसकी संभावना रहती है।
3. इस दौरान भ्रूण के विकास और मदद के लिए महिला का दिल नॉर्मल से 50% अधिक खून को पंप करता है। इसकी वजह से भी नसों में सूजन आ जाती है। 
4. प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में आए हार्मोनल बदलाव भी इसका कारण बन सकते हैं।

कब परेशान होने की जरूरत?

वैसे तो यह समस्या कुछ हफ्ते या डिलीवरी के बाद खुद ही ठीक हो जाती है लेकिन अगर ऐसा ना हो तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। वहीं, अगर महिला को प्रेगनेंसी में वुल्वर वेरीकोसिटीज या बवासीर हो इससे रिकवर में समय लग सकता है।

कुछ मालमों में नसें दिल तक सही मात्रा में खून ले जाने में सक्षम नहीं हो पाती , जिसकी वजह से स्किन प्रॉब्लम्स, खून के थक्के बनना, असहनीय दर्द, सूजन और जलन होने लगती है। ऐसे में आपको डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए।

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वैरिकोज वेन्स से बचने के लिए क्या करें?

. गर्भवती महिलाएं ज्यादा से ज्यादा आराम करें
. पैरों पर ज्यादा भार ना पड़ने दें
. जितना हो सके पैरों को ऊपर उठाकर रखें
. पैर पर पैर चढ़ाकर (क्रॉस्ड लेग पोजिशन) ना बैठें
. पैरों को लटकाकर बैठने से बचें
. एक ही पोजिशन में खड़ी या बैठी न रहें। कुछ देर बाद अपनी पोजिशन बदलती रहें।
. शरीर को स्ट्रेच करें और सुबह-शाम 15 मिनट सैर भी करें।
. इस दौरान ज्यादा फीटिंग वाले कपड़े ना पहनें। इसकी बजाए ढीले-ढाले कपड़े पहनें। हाई हील्स पहनने से भी बचें।

अब जानिए कुछ घरेलू उपाय...

1. वैरिकोज वेन्स की समस्या दूर करने के लिए प्रभावित हिस्सों पर ठंडे या गर्म पानी की पट्टियां रखें।
2. डाइट में सोडियम और फैट वाली चीजें कम लें, ताकि ब्लोटिंग और नसों में सूजन की परेशानी ना हो। इसकी बजाए डाइट में फाइबर फूड्स अधिक लें। इससे वाटर रिटेंशन और कब्ज की दिक्कत नहीं होगी। पालक और ब्रोकली, अंगूर, चैरी और ब्‍लूबैरी और लहसुन का अधिक सेवन करें।
3. जितना हो सके पानी पीएं। इसके साथ ही दिन में 2-3 बार गुनगुना पानी भी पीएं।
4. पैरों की एक्सरसाइज करें, ताकि नसों में खून का संचार सही तरीके से हो।
5. प्रभावित हिस्से में जैतून, कैस्टर या नारियल तेल से मसाज करें। आप इसके लिए मॉइश्चराइजर भी यूज कर सकते हैं।

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बहुत-सी महिलाओं को लगता है कि वैरिकोन्स वेन्स के कारण डिलीवरी में प्रॉब्लम आएगी लेकिन ऐसा नहीं है। इस समस्या के बावजूद भी नसों में खून का संचार होता रहता है और प्रसव के दौरान ब्लीडिंग भी होती है, जिससे कोई भी दिक्कत नहीं होती।

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