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ताकत के लिए 6000 सालों से यूज हो रही यह जड़ी-बूटी,  कोरोना वायरस को भी दे चुकी है मात

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 27 Jan, 2026 06:00 PM
ताकत के लिए 6000 सालों से यूज हो रही यह जड़ी-बूटी,  कोरोना वायरस को भी दे चुकी है मात

भारतीय किचन जड़ी-बूटियों और मसालों से खाना बनाने की पारंपरिक संस्कृति से बहुत ज़्यादा प्रेरित होती है हैं, जिनके कई फ़ायदे हैं । यह जड़ी-बूटियां औषधीय गुणों से  भरपूर होती हैं, इनमें से एक है अश्वगंधा जो टॉनिक की तरह काम करती है और शरीर और मन में ताज़गी, लंबी उम्र और संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।  यूएस के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) की रिपोर्ट के मुताबिक अश्वगंधा का इस्तेमाल 6000 साल से बीमारियों के इलाज में किया जा रहा है

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मानी इसकी ताकत

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी ताकत को माना है।   “Restoring Balance: The Science and Practice of Health and Well-being” थीम पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत पारंपरिक चिकित्सा को विज्ञान और जनकल्याण से जोड़ते हुए वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। इसी के बाद अश्वगंधा जैसे औषधीय पौधों को लेकर लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने- "हालांकि इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल भारत में सदियों से हो रहा है, लेकिन COVID-19 महामारी के दौरान इसकी ग्लोबल डिमांड में काफ़ी बढ़ोतरी हुई।"


कोरोना काल में क्याें किया गया अश्वगंधा पर विश्वाश

कोरोना महामारी के दौरान अश्वगंधा को लेकर काफी चर्चा हुई थी। आयुर्वेद में इसे रसायन माना जाता है, यानी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी। दरअसल अश्वगंधा शरीर की इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है। इससे शरीर वायरस से लड़ने के लिए बेहतर तरीके से तैयार रहता है। इसी वजह से आयुष मंत्रालय ने भी इसे इम्युनिटी बूस्टर के रूप में सुझाया था। कोरोना काल में डर, तनाव और अनिद्रा आम समस्या थी, ऐसे में अश्वगंधा एक एडैप्टोजेन है जो मानसिक तनाव, घबराहट, नींद की परेशानी को कम करने में मदद करता है

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कमजोरी और थकान से उबरने में मदद

कोरोना के बाद कई लोगों को कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, जल्दी थकान महसूस हुई। अश्वगंधा ने स्टैमिना और एनर्जी वापस लाने में सहायक भूमिका निभाई। ध्यान रखें  अश्वगंधा कोरोना का इलाज या वैक्सीन नहीं है यह वायरस को सीधे खत्म नहीं करता। इसका उपयोग केवल इम्युनिटी सपोर्ट, मानसिक और शारीरिक मजबूती के लिए किया गयाकोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन, मास्क और मेडिकल ट्रीटमेंट ही सबसे ज़रूरी रहे।


अश्वगंधा को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में शामिल करने के 4 तरीके

दूध के साथ अश्वगंधा पाउडर: रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाएं। इससे अच्छी नींद, तनाव में कमी और ताकत मिलती है।  खासतौर पर थकान और बेचैनी में फायदेमंद

 सुबह खाली पेट अश्वगंधा: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी या शहद के साथ अश्वगंधा लेने से इम्युनिटी मजबूत होती है, दिनभर ऊर्जा बनी रहती है

 चाय या हर्बल ड्रिंक में मिलाकर: आप अपनी हर्बल चाय, काढ़ा या ग्रीन टी में थोड़ा सा अश्वगंधा पाउडर मिला सकते हैं। यह तनाव कम करने और फोकस बढ़ाने में मदद करता है

 कैप्सूल या टैबलेट के रूप में: आजकल अश्वगंधा कैप्सूल/टैबलेट के रूप में भी उपलब्ध है। जिन्हें स्वाद पसंद नहीं, उनके लिए यह आसान विकल्प है। किसी भी सप्लीमेंट को लंबे समय तक लेने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लें।

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