
नारी डेस्क: कोरोना महामारी ने लोगों के मन में बीमारी का डर गहराई से बैठा दिया है। अब इसी बीच निपाह वायरस के कुछ नए मामलों की पुष्टि होने से लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है। भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामले सामने आने के बाद एशिया के कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
क्या है निपाह वायरस?
निपाह वायरस एक दुर्लभ लेकिन बेहद गंभीर बीमारी है। यह वायरस जानवरों से इंसानों में फैलता है। इसका मुख्य स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ और सूअर माने जाते हैं।
यह वायरस इन तरीकों से फैल सकता है
चमगादड़ों द्वारा खाए गए या गिरे हुए दूषित फल। कच्चा या अधपका फल का जूस। संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से।
कितने मामले सामने आए?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। एहतियात के तौर पर 100 से ज्यादा लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग समय रहते संक्रमण रोकने की कोशिश कर रहा है।
क्या कोरोना से ज्यादा खतरनाक है निपाह वायरस?
रिपोर्ट्स के अनुसार, निपाह वायरस कोविड-19 से ज्यादा घातक माना जाता है। इसका मृत्यु दर (फेटैलिटी रेट) 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकता है। हालांकि यह कोरोना की तरह तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं है। यह हवा के जरिए फैलता है, ऐसा अब तक साफ तौर पर साबित नहीं हुआ है।
कई देशों में अलर्ट
निपाह वायरस के खतरे को देखते हुए एशिया के कई देशों ने एहतियात बरतनी शुरू कर दी है। थाईलैंड ने अपने बड़े एयरपोर्ट्स (सुवर्णभूमि, डॉन मुआंग और फुकेट) पर पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों से आने वाले यात्रियों की जांच शुरू कर दी है। 25 जनवरी 2026 से यात्रियों की तापमान जांच और स्वास्थ्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं?
शुरुआती लक्षण
तेज बुखार
सिरदर्द
बदन दर्द
उल्टी
गले में खराश
गंभीर मामलों में
दिमाग में सूजन
चक्कर आना
बेहोशी
कोमा जैसी स्थिति
इलाज और बचाव
फिलहाल निपाह वायरस का कोई पक्का इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
कैसे रखें खुद को सुरक्षित?
बिना धोए फल न खाएं
कच्चा जूस पीने से बचें
बीमार व्यक्ति के संपर्क से दूरी रखें
किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें