नारी डेस्क : खराब जीवनशैली का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है, जिससे हम कई तरह की बीमारियों का सामना करते हैं। इनमें से एक गंभीर और जानलेवा बीमारी कैंसर भी है। कैंसर का समय पर पता लगना और इलाज शुरू होना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती चरण में पहचान न होने पर इसे कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में यह जानलेवा साबित हो सकता है, और खासकर महिलाओं में इस बीमारी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
भारत में महिलाओं में बढ़ता कैंसर का खतरा
भारत में पिछले कुछ वर्षों में कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, तनाव और स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही का सीधा असर महिलाओं की सेहत पर पड़ रहा है। पहले जहां कैंसर को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, वहीं अब यह युवतियों और मध्यम आयु की महिलाओं में भी तेजी से फैल रहा है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, भारत में हर 8 मिनट में एक महिला की मौत कैंसर के कारण होती है। महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर चौथे नंबर पर और सबसे आम कैंसरों में शामिल है। हैरानी की बात यह है कि इसके बारे में जागरूकता बेहद कम है और अधिकतर मामलों में जब तक बीमारी का पता चलता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।
Periods के बाद खून आना क्यों है खतरनाक?
अगर पीरियड्स पूरी तरह खत्म होने के बाद भी ब्लीडिंग होती है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह सर्वाइकल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। अक्सर महिलाएं इसे हार्मोनल बदलाव, थकान या तनाव समझकर टाल देती हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर समस्या का रूप ले सकती है।
सर्वाइकल कैंसर क्या होता है?
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर लेकिन समय पर पहचान होने पर पूरी तरह इलाज योग्य कैंसर है। यह कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में होता है और ज्यादातर मामलों में इसका कारण HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण होता है। यह वायरस मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंधों के जरिए फैलता है।

सर्वाइकल कैंसर के 4 शुरुआती लक्षण
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
पीरियड्स के बाद या बीच-बीच में ब्लीडिंग होना।
संबंध बनाते समय दर्द महसूस होना।
पेट के निचले हिस्से या कमर में लगातार दर्द रहना।
बदबूदार या असामान्य डिस्चार्ज आना।
किन महिलाओं को ज्यादा खतरा होता है?
कुछ महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा ज्यादा देखा गया है।
बहुत कम उम्र में यौन संबंध बनाने पर
बार-बार गर्भधारण करने पर
HPV संक्रमण होने पर
सिगरेट या तंबाकू का सेवन करने पर।

इन बातों का रखें खयाल
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए नियमित जांच (Pap Smear Test), HPV वैक्सीन और सुरक्षित जीवनशैली बेहद जरूरी है।
अगर शरीर कोई असामान्य संकेत दे रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि समय पर उठाया गया एक कदम आपकी जिंदगी बचा सकता है।