
नारी डेस्क: भारत के दिग्गज मिल्खा सिंह जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से देश का नाम रोशन किया, और अब उनके पोते हरजय मिल्खा सिंह ने गोल्फ में कम उम्र में ही देश के शीर्ष खिलाड़ी बनकर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया। अंडर-18 वर्ग में नंबर वन गोल्फर बनकर हरजय ने साबित किया कि मेहनत और जुनून उम्र से परे होते हैं। भारतीय गोल्फ के लिए यह सप्ताह बेहद खास और ऐतिहासिक रहा। अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने कोलंबो में आयोजित आईजीपीएल इनविटेशनल जीतकर इंडियन गोल्फ प्रीमियर लीग (IGPL) के पहले सीजन का खिताब अपने नाम किया। वहीं, उनके 15 साल के बेटे हरजय मिल्खा सिंह ने अंडर-18 वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के नंबर वन गोल्फर बनने का गौरव हासिल किया।
हरजय की शानदार उड़ान: 14 टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन
हरजय मिल्खा सिंह ने इस साल कुल 14 टूर्नामेंट खेले। इनमें से चार टूर्नामेंट में उन्होंने खिताब जीता, दो में उपविजेता रहे और बाकी आठ टूर्नामेंट में टॉप-10 में स्थान बनाकर लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिचय दिया। यह लगातार प्रदर्शन उनके खेल की निरंतरता और मेहनत को दर्शाता है। हरजय वर्तमान में स्ट्रॉबेरी स्कूल में दसवीं कक्षा के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि उनके स्कूल ने उनके गोल्फ करियर में काफी सहयोग और समर्थन दिया। इस साल उनके पांच और टूर्नामेंट शेष हैं, जिनमें से एक यूरोप में खेला जाएगा।
पांच साल की उम्र में मिली गोल्फ की पहली सीख
हरजय ने अपनी गोल्फ यात्रा की शुरुआत याद करते हुए बताया कि पांच साल की उम्र में उनकी दादी स्वर्गीय निर्मल मिल्खा सिंह उन्हें पहली बार गोल्फ कोर्स पर ले गई थीं। शुरू में यह खेल केवल मस्ती का जरिया था, लेकिन 12 साल की उम्र से उन्होंने इसे गंभीरता से अपनाना शुरू किया। उनके अनुसार, स्कॉटलैंड में अंडर-13 यूएस किड्स गोल्फ यूरोपियन चैंपियनशिप जीतने के बाद उनके खेल में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास आया।
गोल्फ के साथ अन्य खेलों में भी रुचि
हरजय ने कहा कि उन्हें क्रिकेट और बास्केटबॉल खेलना भी पसंद है, लेकिन प्रोफेशनल रूप में गोल्फ उनका पहला प्यार है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके जीवन में दादा मिल्खा सिंह और पिता जीव मिल्खा सिंह का योगदान बेहद अहम रहा है।

पिता जीव की जीत: कोलंबो में मिला खास खिताब
कोलंबो में IGPL इनविटेशनल जीतने पर जीव मिल्खा सिंह ने कहा कि उन्होंने मैदान में जीत के इरादे से उतरे थे। हालांकि, कई युवा खिलाड़ी उनकी उम्र को लेकर मजाक कर रहे थे, लेकिन इन बातों ने उनके हौसले को और बढ़ाया। जीव ने यह भी बताया कि यह जीत उनके लिए इसलिए खास थी क्योंकि कोलंबो में ही उनके माता-पिता की पहली मुलाकात हुई थी। इस शहर का उनके जीवन में भावनात्मक महत्व भी जुड़ा है।
अगले साल फिर शुरू होगा टूर
जीव मिल्खा सिंह ने बताया कि अगले साल उनका गोल्फ टूर जल्द शुरू होगा और वह पहले से बेहतर तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे। पिता की अंतरराष्ट्रीय जीत और बेटे की राष्ट्रीय रैंकिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मिल्खा परिवार गोल्फ की दुनिया में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।