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जानिए, प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने में किन सावधानियों को बरतना चाहिए?

  • Edited By neetu,
  • Updated: 17 Aug, 2020 02:06 PM
जानिए, प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने में किन सावधानियों को बरतना चाहिए?

किसी भी महिला के मां बनना बेहद खास होता है। मगर बात हम प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने की करें तो इस समय के दौरान महिला को अपना खास तौर पर ध्यान रखने की जरूरत होती है। असल में, ये 3 महीने गर्भवती महिला और बच्चे के विकास के लिए बेहद अहम होते हैं। इस टाइम पीरियड में महिला के शरीर में कई बदलाव होते हैं। इन बदलावों से उसकी डेली रूटीन काफी हद तक प्रभावित होती है। इसी के साथ इस समय में भ्रूण के अंग बनते हैं तो ऐसे में इस समय कोेई भी लापरवाही करना खतरे के कम नहीं होगा। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीनों में गर्भवती महिला को अपना ध्यान रखने में किन सावधानियों का ध्यान रखने की जरूरत होती है। 

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मसालेदार और ऑयली फूड से बनाए दूरी

गर्भाव्यस्था के समय महिलाओं को खुद की सेहत के साथ बच्चे की सेहत का भी ध्यान रखना होता है। ऐसे में उसे खाने में पौष्टिक जैसे कि ताजे फल, सब्जियां, सूखे मेवे आदि चीजों का सेवन करना चाहिए। इसके विपरित ज्यादा मसालेदार, तला- भुना खाने से बचना चाहिए। इन चीजों के सेवन से पाचन तंत्र कमजोर होने के साथ ब्लड प्रेशर के बढ़ने की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही इन्फेक्शन भी हो सकती है। 

ज्यादा दूर के सफर से बचें

प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने में बच्चे का भ्रूण ठीक से बना नहीं होता है। ऐसे में इस दौरान लंबे समय तक बैठ कर या खड़े होकर लंबी यात्रा का सफर करने से बच्चे को नुकसान हो सकता है।

भारी चीजें उठाने की भूल न करें

गर्भवती महिलाओं को इस समय में कोई भी भारी चीज उठाने के साथ नीचे झुकने से भी बचना चाहिए। नहीं तो मां और बच्चे को कोई भारीनुकसान हो सकता है। ऐसे में घर का काम करते समय इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए। 

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नहाने में गर्म पानी का इस्तेमाल ज्यादा न करें

बहुत सी महिलाएं इस टाइम पीरियड में नहाने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करती है। मगर इसका ज्यादा मात्रा में यूज करने से बच्चे के विकास में परेशानी होती है। 

इन चीजों का न करें सेवन

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपनी डाइट का खास तौर पर ध्यान रखना चाहिए। ताकि बच्चे का शारीरिक और मानसिक तौर पर बेहतर तरीके से विकास हो सके। ऐसे में कुछ पपीता, अनानास, सी फूड, सहजन की फलियां, कलेजी, कच्‍चे अंडे, कच्‍ची सब्जियां, ऐलोवेरा आदि भारी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। इनमें पाएं जाने तत्‍व गर्भपात होने का कारण बन सकते हैं। 

तनाव मुक्त और खुश रहे

बच्चे के जन्म से पहले माओं को अपना खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस समय दौरान महिला को जितना हो सके खुश रहना चाहिए। असल में, मां  जैसा महसूस करती है उसका असर बच्चे पर पड़ता है। इसके लिए प्रेगनेंट महिलाओं को हर समय खुश रहना चाहिए। ऐसे में अपनी चिंता, तनाव को कम करने के लिए योगा, मेडीटेशन का सहारा भी लिया जा सकता है। 

नशीली चीजों से रखे परहेज 

इस टाइम पीरियड पर मां को सभी पौष्टिक चीजों का सेवन करना चाहिए। ताकि बच्चे का विकास बेहतर तरीके से हो सके। ऐसे में शराब, सिगरेट आदि नशीली और सेहत के लिए हानिकारक मानी जाने वाली चीजों के इस्तेमाल से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। नहीं तो इसका बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा कॉफी, चाय आदि का सेवन भी नामात्र ही करना चाहिए। इनको ज्यादा मात्रा में पीने से एसिडिटी, सीने में जलन, दर्द आदि का परेशानी होना का सामाना करना पड़ सकता है। 

 

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