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रूद्राक्ष से लेकर स्फटिक तक, जानिए किस मनोकामना के लिए कौन सी माला बेहतर

  • Edited By neetu,
  • Updated: 03 Mar, 2021 11:54 AM
रूद्राक्ष से लेकर स्फटिक तक, जानिए किस मनोकामना के लिए कौन सी माला बेहतर

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ व मंत्र जाप का विशेष महत्व है। इसके साथ बहुत से लोग पूजा में माला जाप करते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से माला जाप करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। जीवन में चल रही परेशानियां दूर होकर खुशियों का आगमन होता है। मगर ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, अलग-अलग मनोकामनाओं के लिए अलग-अलग मालाएं प्रयोग करनी चाहिए। तो चलिए आज हम इस आर्टिकल में किस इच्छा के लिए किस माला से जप करने के बारे में बताते हैं...

सेहत रहेगी दुरुस्त 

जिन लोगों को बीपी व दिल से जुड़ी समस्याएं रहती है, उन्हें गले में रुद्राक्ष की माला पहननी चाहिए। साथ ही इस माला से गायत्री माता, मां दुर्गा, शिवजी, माता पार्वती, गणेशजी और कार्तिकेय के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। इससे रोगों से छुटकारा मिलने के साथ जीवन में खुशहाली आती है। 

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शत्रुओं से मिलेगा छुटकारा

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, कुंडली में मंगल खराब होने से शत्रुओं का आगमन होता है। ऐसे में लाल चंदन की माला धारण करना शुभ मानी जाती है। इस माला से मां दुर्गा के बीज मंत्रों का जप करने से मंगल शांत होने के साथ शत्रुओं से छुटकारा मिलता है। 

घर में बने रहेगी सुख-शांति

स्फटिक माला से जाप करने से कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत होती है। इससे जीवन में एकाग्रता, शांति, खुशहाली आने के साथ पैसों की किल्लत दूर होती है। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने से सुख-शांति व खुशहाली का आगमन होता है। 

धन संबंधी परेशानी होगी दूर

हर कोई सुखी व खुशहाल जिंदगी जीने की कामना करता है। ऐसे में आर्थिक स्थिति मजबूत होना बेहद जरूरी है। ज्योतिष व वास्तु शास्त्र के अनुसार, कमलगट्टे की माला से धन की देवी माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करने से उनकी असीम कृपा मिलती है। ऐसे में आर्थिक स्थिति मजबूत होकर घर में अन्न व धन की बरकत बनी रहती है। मगर जाप एक निश्चित समय, जगह और नियमित रूप से ही करें। 

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मंत्र जाप करने का सही तरीका...

1. जमीन पर साफ व ऊनी आसन बिछाएं।
2. जाप करते समय कमर एकदम सीधी रखें। इसके लिए पद्मासन या सुखासन में बैठकर चेहरे को सीधा रखें।
3. माला को दाहिने हाथ की उंगलियों पर रख कर पोर से फेरे। 
4. आपके नाखून माला को जरूर छुएं। 
5. माला को नाभि से नीचे और नाक के ऊपर ना रखें। 
6. सीने से माला को करीब 4 अंगुल बराबर दूरी पर रखें। 
7. जाप करते समय मन एकदम शांत रखें। 
 

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