12 FEBTHURSDAY2026 12:48:03 PM
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सेक्शुअल रोग होने पर शरीर पर कैसे लक्षण नजर आते हैं? एक्सपर्ट से जानें जरूरी बातें

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 12 Feb, 2026 11:03 AM
सेक्शुअल रोग होने पर शरीर पर कैसे लक्षण नजर आते हैं? एक्सपर्ट से जानें जरूरी बातें

नारी डेस्क: हर साल 12 फरवरी को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य जागरूकता दिवस (Sexual and Reproductive Health Awareness Day) मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति सचेत करना है और उन्हें यह समझाना है कि सेक्शुअल रोग समय रहते पहचान कर इलाज करना क्यों जरूरी है। यौन संबंधी रोग या सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज (STDs/STIs) शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर असर डाल सकते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, इन बीमारियों के कुछ फिजिकल लक्षण होते हैं, जिन्हें पहचानकर समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है।

 जननांग से डिस्चार्ज होना

सबसे आम और शुरुआती संकेतों में से एक है जननांग से असामान्य डिस्चार्ज का निकलना। यह स्राव सामान्य से ज्यादा गाढ़ा, अलग रंग का या बदबूदार हो सकता है। महिलाओं में यह पीला, हरा या मटमैला दिखाई दे सकता है, जबकि पुरुषों में भी सफेद या पीला स्राव देखने को मिल सकता है। अगर यह नियमित रूप से नजर आए या अचानक बढ़ जाए तो यह संकेत है कि शरीर में कोई संक्रमण हो सकता है। एक्सपर्ट  के अनुसार, डिस्चार्ज की पहचान समय रहते करने से संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है।

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फोड़े और फुंसियां निकलना

सेक्शुअल रोगों का दूसरा स्पष्ट लक्षण है जननांगों या आसपास फोड़े, फुंसियां और छाले का निकलना। ये केवल जननांगों तक सीमित नहीं रहते, कभी-कभी यह एनस, मुंह या वजाइना के आसपास भी दिखाई दे सकते हैं। फोड़े आमतौर पर लाल, छोटे या बड़े आकार के हो सकते हैं और कभी-कभी उनमें पीला मवाद भी बन सकता है। अगर ऐसे लक्षण नजर आएं, तो संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है और समय पर इलाज लेना बेहद जरूरी है।

खुजली और रैशेज

जननांगों में लगातार खुजली होना भी सेक्शुअल इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। इसके साथ ही त्वचा पर लालिमा, सूजन और छोटे-छोटे दाने या रैशेज नजर आने लगते हैं। पुरुष और महिलाएं दोनों इस लक्षण से प्रभावित हो सकते हैं। खुजली और रैशेज को अक्सर लोग सामान्य चकत्तों या एलर्जी समझ लेते हैं, लेकिन अगर यह लगातार बना रहे और जननांगों तक सीमित हो तो यह संकेत है कि शरीर में संक्रमण विकसित हो रहा है।

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इंटरकोर्स के दौरान दर्द

कई सेक्शुअल रोगों में संबंध बनाने के दौरान दर्द होना आम लक्षण है। यह दर्द केवल जननांग तक सीमित नहीं होता, बल्कि पेट के निचले हिस्से या कमर में भी महसूस हो सकता है। महिलाओं में यह दर्द अक्सर यूट्रस या ओवरी के आसपास महसूस होता है। पुरुषों में भी अगर इंटरकोर्स के दौरान दर्द हो रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एक्सपर्ट का कहना है कि यह दर्द अक्सर संक्रमण या सूजन के कारण होता है और समय रहते जांच कराने से गंभीर समस्या टाली जा सकती है।

टेस्टिकल्स या जननांगों में सूजन (पुरुषों में)

पुरुषों में सेक्शुअल इंफेक्शन का संकेत टेस्टिकल्स या स्क्रोटम में सूजन के रूप में दिख सकता है। सूजन आमतौर पर धीरे-धीरे बढ़ती है और कभी-कभी दर्द के साथ होती है। यह लक्षण अक्सर बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण के कारण होता है। यदि पुरुषों में यह लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए क्योंकि संक्रमण आगे बढ़ सकता है और प्रजनन स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

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अनियमित ब्लीडिंग (महिलाओं में)

महिलाओं में सेक्शुअल रोग के कारण सेक्स के दौरान या बिना पीरियड्स के ब्लीडिंग होना भी एक गंभीर संकेत है। यह केवल हल्का खून भी हो सकता है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। एक्सपर्ट  बताते हैं कि यह अक्सर यूट्रस या सर्विक्स में संक्रमण का संकेत होता है। समय रहते जांच कराना महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है।

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बुखार, कमजोरी और फ्लू जैसे लक्षण

कुछ सेक्शुअल इंफेक्शंस में शुरुआती चरण में बुखार, शरीर में दर्द, थकान और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा, लिंफ नोड्स सूजना भी आम है। यह संकेत देते हैं कि संक्रमण केवल स्थानीय नहीं है, बल्कि शरीर में फैल रहा है। ऐसे में बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना और जरूरी टेस्ट कराना अत्यंत जरूरी है।

लक्षण दिखाई देने पर क्या करें

अगर शरीर में इन लक्षणों में से कोई दिखाई दे तो समय रहते डॉक्टर से जांच कराएं। विशेष रूप से यदि आपने अनप्रोटेक्टेड सेक्स किया हो या आपके मल्टीपल पार्टनर्स हों, तो इन संकेतों को नजरअंदाज न करें। जल्दी जांच और सही इलाज से संक्रमण फैलने या गंभीर बीमारी बनने से रोका जा सकता है।

अस्वीकरण: यह जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी प्रकार की समस्या के लिए हमेशा विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करें।
 

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