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राखी पर बहन को ना दें ये गिफ्ट क्योंकि माने जाते हैं अशुभ

  • Edited By neetu,
  • Updated: 30 Jul, 2020 06:10 PM
राखी पर बहन को ना दें ये गिफ्ट क्योंकि माने जाते हैं अशुभ

राखी के शुभ अवसर पर जहां बहनों अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हुई उन्हें रक्षा सूत्र बांधती हैं, वहीं भाई भी अपनी बहनों को खास उपहार देकर उन्हें आदर व सम्मान देता है। मगर बहन के लिए उपहार खरीदने से पहले कुछ चीजों का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। वास्तु व ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, हर चीजें हमारे जीवन पर अपना अच्छा व बुरा प्रभाव डालती है। ऐसे में भाई- बहन के इस पवित्र रिश्ते को मजबूत बनाएं रखने के लिए गिफ्ट खरीदने से पहले सोच- विचार कर लेना चाहिए। तो चलिए जानते है कैसे गिफ्ट्स बहनों को उपहार के तौर पर देने चाहिए और किन गिफ्ट्स को खरीदने से बचना चाहिए। 

ऐसे गिफ्ट्स माने जाते हैं अशुभ

वास्तु और ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, भाइयों को कभी भी अपनी बहनों को तीखी धार वाली और नुकीली चीजें नहीं देनी चाहिए। इससे उनके रिश्ते में मनमुटाव व दरार पड़ने का खतरा बढ़ता हैं। ऐसे में राखी के शुभ अवसर पर बहनों को चाकू, ब्लेंडर, कटर, मिक्सी आदि चीजें देने की गलती न करें। 

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ऐसे गिफ्ट्स माने जाते हैं शुभ

एक भाई को हमेशा बहन की पसंद और जरूरत को ध्यान में रखते हुए गिफ्ट देना चाहिए। ऐसे में रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर बहनों को गिफ्ट में कपड़े, गहने, पुस्तकें, मिठाई और शगुन के तौर पर पैसे देने चाहिए। इसके अलावा बात अगर ग्रहों की करें तो बहनें बुध ग्रह के साथ संबंध रखती है। ऐसे में उन्हें हरे रंग के कपड़े, शिक्षा से जुड़ी चीजें और नकद देना बेहद शुभ होता है। 

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देवी लक्ष्मी बनी रहती हैं कृपा

घर की औरतों को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाना है। इसी कारण घर की विवाहित कन्याओं को गृहलक्ष्मी भी कहते है। ऐसे में राखी के खास अवसर पर भाइयों द्वारा बहनों को कपड़े, गहने, मेकअप आदि उनकी मनपसंद और जरूरत की चीजें गिफ्ट में देने से देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है। मगर जैसे पहले बताया ही गया है कि रूमाल और तौलिया देने की गलती नहीं करनी चाहिए। 

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बहनों को दें पूरा आदर 

स्कन्द पुराण के अनुसार, जब राजा बलि ने भगवान विष्णु को अपना द्वारपाल बना लिया था। तब भगवान हरि को मुक्त करने के लिए देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को राखी बांधकर उन्हें अपना भाई बनाया था। इसके बाद देवी लक्ष्मी ने राजा से श्रीहरि को वापिस मांगा था। ऐसे में जब राजा को पता चला कि उनको राखी बांधने वाली कोई और नहीं बल्कि देवी लक्ष्मी है। फिर भी राजा बलि ने उनपर क्रोध न कर बल्कि पूरे आदर व सत्कार से भाई का फर्ज निभाते हुए विष्णु जी को देवी लक्ष्मी के साथ जाने दिया। इसलिए इसदिन सभी भाइयों को अपनी बहन से लड़ने या गुस्सा होने की जगह उनका आदर व सम्मान करना चाहिए। शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन बहनों का अनादर करना देवी लक्ष्मी को ठेस पहुंचाने के बराबर माना जाता है। साथ ही  इस दिन बहनों को खुश करने और रखने की कोशिश करनी चाहिए।

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