
नारी डेस्क : दुनिया में जब भी हीरों का जिक्र होता है, तो कोहिनूर का नाम सबसे पहले लिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अफ्रीका में एक ऐसा देश भी है, जहां से निकलने वाले हीरों के सामने कोहिनूर भी फीका पड़ सकता है? इस देश को पूरी दुनिया ‘डायमंड लैंड’ के नाम से जानती है। दरअसल, अफ्रीका का बोत्सवाना दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे अहम हीरा उत्पादक देश माना जाता है। यहां की धरती के नीचे हीरे इस कदर भरे पड़े हैं कि बोत्सवाना वैश्विक हीरा बाजार में एक मजबूत ताकत बन चुका है।
डायमंड लैंड कहलाता है बोत्सवाना
बोत्सवाना को डायमंड लैंड कहे जाने की सबसे बड़ी वजह यहां की विशाल हीरा खदानें हैं। यह देश न केवल मात्रा में बल्कि गुणवत्ता के मामले में भी दुनिया के बेहतरीन हीरों का उत्पादन करता है। आज बोत्सवाना वैश्विक हीरा उत्पादन का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा अकेले देता है।

रूस-बोत्सवाना के बीच बढ़ती नजदीकियां
पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच रूस अब अफ्रीका में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा है। इसी कड़ी में रूस और बोत्सवाना के रिश्ते भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बोत्सवाना जल्द ही मॉस्को में अपना दूतावास खोलने जा रहा है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक और कूटनीतिक संबंध और मजबूत होंगे।
रूस को निवेश का न्योता
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बोत्सवाना के विदेश मंत्री फेन्यो बुटाले ने रूसी निवेशकों को अपने देश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि बोत्सवाना राजनीतिक और आर्थिक रूप से स्थिर देश है और हीरा उद्योग व दुर्लभ धातुओं में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
बोत्सवाना की खदानों से निकले दुनिया के सबसे बड़े हीरे
बोत्सवाना की खदानें दुनिया के सबसे बड़े और कीमती हीरों के लिए मशहूर हैं। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में कारोवे खदान से 2,492 कैरेट का कच्चा हीरा मिला, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हीरा माना गया। साल 2019 में इसी खदान से 1,758 कैरेट का हीरा निकला। साल 2016 में यहां से 1,109 कैरेट का हीरा मिला था। इन हीरों की कीमत अरबों रुपये आंकी गई और इनमें से कई हीरे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स और शाही खजानों का हिस्सा बने।

हीरों ने कैसे बदली बोत्सवाना की किस्मत
बोत्सवाना में पहली बार 1967 में हीरों का विशाल भंडार मिला था। उस समय यह देश दुनिया के सबसे गरीब देशों में गिना जाता था। लेकिन देश के संस्थापक राष्ट्रपति सर सेरेत्से खामा ने हीरों से होने वाली कमाई का सही इस्तेमाल किया। हीरा उद्योग से मिली आय को सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर खर्च किया गया। आज हीरे बोत्सवाना के कुल राजस्व का लगभग एक तिहाई हिस्सा हैं और विदेशी मुद्रा कमाई का सबसे बड़ा जरिया भी।
अनजान देश से बना दुनिया का हीरा साम्राज्य
कुछ ही दशकों में बोत्सवाना ने खुद को एक गरीब और अनजान देश से बदलकर दुनिया के सबसे कीमती हीरों का सबसे बड़ा स्रोत बना लिया। यही वजह है कि आज बोत्सवाना को पूरी दुनिया डायमंड लैंड के नाम से जानती है।