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ऑपरेशन बना काल हमेशा के लिए अंधे हो गए 30 मरीज! पीड़ितों ने सुनाई रूह कांपती दास्तां

  • Edited By Monika,
  • Updated: 19 Feb, 2026 07:53 PM
ऑपरेशन बना काल हमेशा के लिए अंधे हो गए 30 मरीज! पीड़ितों ने सुनाई रूह कांपती दास्तां

नारी डेस्क : जहां लोग नई उम्मीद लेकर डॉक्टर के पास जाते हैं कि वे अपनी आंखों से फिर से दुनिया देख पाएंगे, वहीं गोरखपुर के न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन ने 18 मरीजों की जिंदगी में भारी संकट खड़ा कर दिया। ऑपरेशन के बाद फैल रहे गंभीर संक्रमण (सीवियर इंफेक्शन) के कारण 9 बुजुर्गों ने अपनी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए खो दी, जबकि कई मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं। यह मामला लोगों के लिए चेतावनी बन गया है कि क्या भरोसा किया जा सकता है।

ऑपरेशन और संक्रमण की घटना

1 फरवरी को अस्पताल में आयोजित आई कैंप में 30 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया। लेकिन ऑपरेशन के सिर्फ 24 घंटे बाद मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण फैल गया। उचित इलाज न मिलने के कारण 9 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई।

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पीड़ितों की रूह कंपा देने वाली दास्तान

मरीजों की आंखों से खून और मवाद गिरना शुरू हुआ। इंदारी निवासी संजय सिंह ने बताया कि उनके पिता की आंख से खून बहना बंद नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें वाराणसी और दिल्ली ले जाना पड़ा। रेखा नामक महिला ने कहा कि उनकी सास समेत कई मरीजों को ऑपरेशन के बाद असहनीय दर्द और मवाद की समस्या हुई। कई मामलों में आंखें निकालनी पड़ीं।

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प्रशासनिक कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच और कल्चर रिपोर्ट में गंभीर संक्रमण की पुष्टि हुई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया।अस्पताल को सील कर दिया गया, और आसपास के अन्य ऑपरेशन थिएटरों को डिसइंफेक्ट करने के निर्देश दिए गए। जिला स्तरीय कमेटी गठित कर मजिस्ट्रियल जांच शुरू की गई।

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डीएम (DM) का कड़ा रुख

गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा, अस्पताल को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के बयान दर्ज कर मेडिकल रिपोर्ट को सबूत के तौर पर जुटा रहा है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
 

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