
नारी डेस्क: बाप-बेटी का रिश्ता दुनिया के सबसे मजबूत रिश्तों में से एक होता है। यह रिश्ता शब्दों से नहीं, बल्कि खामोश भरोसे, निस्वार्थ प्यार और अटूट हिम्मत से बनता है। माना जाता है कि बाप बेटी की ढाल होता है जो हर मुश्किल में चुपचाप आगे खड़ा हो जाता है और बेटी बाप की ताकत जो उसकी थकान में मुस्कान बनकर लौट आती है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला एक अस्पताल में जहां जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे पिता की ताकत बनी उसकी छोटी सी बेटी।
अस्पताल के बिस्तर पर एक लकवाग्रस्त पिता बेबस पड़ा है और उसकी बेटी अपने नन्हे हाथों से उसे पानी पिला रही है। इस पिता ने अपनी बेटी के लिए कई ख्वाब सजाएं होंगे लेकिन आज उसकी बेबसी देखो कि वह उस नन्ही बच्ची पर ही बोझ बन गए। इस बच्ची की हिम्मत की दात देने होगी जिसकी उम्र बहुत छोटी है लेकिन हौंसला बहुत मजबूत है। वह जिस तरीके से अपने पिता का ख्याल रख रही है इससे एक बात साफ हो गई कि हालात कुछ भी हों लेकिन बेटी कभी मां- बाप का साथ नहीं छोड़ती।
यह वीडियो उन लोगों के लिए भी सबक है जो बेटों के लिए बेटियों को मार देते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस वीडियो का कैप्शन था-
‘बेटी अपने लकवाग्रस्त पिता की देखभाल करती हुई दिखाई दी। वह चुपचाप उनके पास बैठी रही और अटूट धैर्य और समर्पण के साथ उनकी हर ज़रूरत का ध्यान रखती रही। परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि पिता का इलाज चल रहा है और उनकी बेटी ने इस कठिन समय में उनका सहारा बनने का दायित्व संभाला है.’ वीडियो में देखा जा सकता है कि, मासूम बच्ची बैड पर लेटे पिता को पानी पिला रही है. इस दौरान वो काफी केयर भी कर रही है। हम भी दुआ करेंगे कि इस बच्ची के पिता ठीक हो जाएं।